जल विद्युत परियोजना की कार्यदायी संस्था जीवीके की सहयोगी कंपनी एएचपीएस के कर्मचारियों ने जीवीके या एएचपीसीएल में समायोजित किए जाने की मांग की है। कर्मचारियों की इस मांग का क्षेत्रीय संगठनों व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने समर्थन किया।
रविवार को स्थानीय वेडिंग प्वाइंट में एएचपीएस कंपनी के कर्मचारियों ने बैठक आयोजित की। बैठक में कंपनी की ओर से 211 कर्मचारियों को एक माह के भीतर नौकरी से त्यागपत्र दिए जाने के नोटिस पर चर्चा की गई। कंपनी के सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि नियुक्ति के समय जीवीके कंपनी ने जीवीके या एएचपीसीएल में समायोजित किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन जीवीके कंपनी आज मुकर रही है। कंपनी के कर्मचारी सत्येंद्र बर्तवाल ने कहा कि कर्मचारियों को जल्द ही जीवीके या एएचपीसीएल में समायोजित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बर्तवाल ने कहा कि कर्मचारी सोमवार से जीवीके कंपनी के खिलाफ क्रमिक धरना करेंगे। कर्मचारियों की मांग का प्रगतिशील जन मंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी, बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष परवेज अहमद, जिला पंचायत सदस्य डा. उत्तम सिंह भंडारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश बर्तवाल, पूर्व सभासद प्रदीप मल्ल, राकेश सेमवाल, सभासद अनूप बहुगुणा व छात्र संगठन आर्यन ग्रुप ने समर्थन किया। इस अवसर पर भूपेंद्र भंडारी, धन सिंह चौहान, अमित, शशिकांत, दीपक चमोली, सूरज बिष्ट आदि मौजूद थे।