राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की कोटद्वार और दुगड्डा शाखा की बैठक में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को शीघ्र राज्य में लागू किए जाने की मांग की गई। कर्मचारियों ने लंबे समय से चल रही वेतन विसंगतियों को ठीक करने की मांग पर कार्रवाई न होने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
रविवार को नगर पालिका सभागार में आयोजित बैठक में परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश तिवारी ने कहा कि सरकार को राज्य में सातवां वेतन आयोग को लागू करना चाहिए। सरकार को इससे पूर्व छठे वेतनमान की विसंगतियों को दूर कर शासनादेश जारी करना चाहिए। कहा कि अभी भी कई विभागों की ओर से वेतन विसंगति समिति को विसंगतियों के प्रकरण नहीं भेजे गए हैं, जिससे इसका शासन स्तर पर निराकरण नहीं हो पा रहा है। इस विषय में पांच सितंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी।
परिषद के जिलाध्यक्ष प्रकाश चौधरी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की लंबे समय से वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर गंभीर नहीं है। शीघ्र इस पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर परिषद आंदोलन को बाध्य होगी। प्रांतीय संगठन मंत्री वीर सिंह घाघट ने समस्त विभागों में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित तर सातवें वेतन का लाभ दिए जाने की मांग की।
इस अवसर पर जिला मंत्री नरेश सिंह, कृषि कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जगमोहन रावत, मंडलीय उपाध्यक्ष श्याम सिंह गोडियाल, भारत सिंह बिष्ट, नरेंद्र सिंह चौहान, आलोक माहेश्वरी, मेहर सिंह, रमेश कठैत, सुरेश चंद्र, रेनू जदली, सरस्वती जोशी, चंद्रकांता, महेश चंद्र नौरियाल, बसुंधरा नेगी, सुमन रावत, थान सिंह नेगी, मुनेश कुमार आदि ने विचार रखे।