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Kotdwar News: पिता की मौत और मां के परित्याग करने पर मासूम के संरक्षक बने दादा

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पौड़ी। बाली कंडारस्यूं पट्टी के चौडिक गांव निवासी चार साल की मासूम अराध्या की शिक्षा दिक्षा व पालन पोषण की जिम्मेदारी बतौर संरक्षक उसके दादा ओम प्रकाश भंडारी ही करेंगे। जिला जज धर्म सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
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चौडिक निवासी ओम प्रकाश भंडारी ने पोती अराध्या के संरक्षण की जिम्मेदारी के लिए सौंपे जाने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। अधिवक्ता वीपी भंडारी ने बताया कि ओम प्रकाश भंडारी के पुत्र नितिन भंडारी की मौत दिसंबर 2022 को रुड़की भगवानपुर में हुई। पुत्र की मौत से पहले ही उसकी पत्नी पूजा ने अपनी चार साल की बेटी अराध्या का परित्याग कर दिया था। इससे पूर्व ही नितिन भंडारी व पत्नी पूजा ने आपसी सहमति पर तलाक के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। तलाक 31 दिसंबर 2022 को होनी थी, लेकिन इससे पूर्व दो दिसंबर 2022 को ही नितिन भंडारी की मौत हो गई। नितिन रुड़की स्थित एक निजी कंपनी में सेवारत था।

ऐसे में अराध्या का एकमात्र संरक्षक उसके दादा-दादी ही रह गए। बताया कि मासूम अराध्या अपने दादा-दादी के साथ रहती है। ओम प्रकाश ने बेटे की मौत के बाद उसके जीवन बीमा और कंपनी फंड आदि की धनराशि को अराध्या की शिक्षा दीक्षा के लिए मुहैया कराए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। ओम प्रकाश ने यह भी कहा कि रुड़की भगवानपुर में उनके बेटे नितिन द्वारा 41.80 वर्गमीटर का प्लॉट खरीदा गया था। जिसे अराध्या के बेहतर भविष्य के लिए प्लॉट को बेचते हुए उसका संरक्षक नियुक्त किए जाने के लिए भी अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
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जिला जज की अदालत ने सभी गवाहों व बयानों के आधार पर दादा ओम प्रकाश को अराध्या का संरक्षक नियुक्त किया। अदालत अराध्या की संपत्ति के संबंध में कोई भी निर्णय लेने से पूर्व कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करने के भी आदेश दिए हैं।
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