सरकारी और गैैर सरकारी विभागों और अन्य भवन निर्माण कार्य में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले श्रमिकों और उनके बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता, 60 वर्ष की आयु के बाद माशिक पेंशन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिल सकती हैं। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के तहत श्रम विभाग ने भवन निर्माण में लगे श्रमिकों के खुशहाली के लिए अनेक कल्याण कारी योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन, प्रर्याप्त प्रचार प्रसार के अभाव में श्रमिक श्रम विभाग तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पौड़ी जिले के श्रम विभाग कार्यलय के आंकड़ों के अनुसार बहुत कम मात्रा में श्रमिकों का पजीकरण हुआ है। जानकारी के अभाव में उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। वे ठेकेदारों के शोषण का शिकार रहते हैं।
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योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऐसे करें पंजीकरण
सरकारी और गैर सरकारी निर्माण में कार्यरत श्रमिक जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम हो, वह श्रमिक अपना पंजीकरण स्थानीय श्रम विभाग कार्यालय में करा सकता है। इसके लिए उसे प्राथना पत्र के साथ तीन माह का निर्माण कार्य अनुभव प्रमाण पत्र, दो पास्पोर्ट साइज फोटो, आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना जरूरी है।
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बच्चों को शिक्षा के लिए मिलेगी प्रतिमाह मदद
- कक्षा छह से आठ तक 200 रुपये
- कक्षा नौ से 10 तक 250 रुपये
- कक्षा 11 से 12 तक 300 रुपये
- पोलीटैक्निक के लिए 1000 रुपये
- उच्च शिक्षा के लिए 2500 रुपये
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अन्य योजनाओं का भी मिलेगा लाभ
- 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके कामगारों को 500 रु. मासिक पेंशन।
- मकान खरीद और निर्माण के लिए 50 हजार रु. तक अग्रिम राशि की सुविधा।
- लकवा, कुष्ठ रोग, तपेदिक और दुर्घटना के कारण स्थायी नि:शक्तता (अपंग होने) पर 500 रुपये की पेंशन और पांच हजार रुपए अनुग्रह राशि।
- कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर एक लाख रुपये और सामान्य मृत्यु होने पर 50 हजार रु. की आर्थिक सहायता।
- अंतिम संस्कार के लिए श्रमिक आश्रितों को पांच हजार रु. की सहायता।
- गंभीर बीमारी के उपचार के लिए 30 हजार रुपये तक अनुग्रह राशि।
- पंजीयन के बाद 10 हजार तक की औजार-उपकरण किट फ्री।
- महिला श्रमिक के स्वयं के विवाह और दो बच्चों के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की सहायता।
- महिला श्रमिकों को दो प्रसूति काल में पांच हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता।
कहते हैं अधिकारी
इसके लिए श्रमिकों को श्रम विभाग कार्यालय में अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण कराने के तीन महीने के बाद श्रमिक विभागीय कल्याण कारी योजनाओं का लाभ ले सकता है। - अशोक बाजपेयी, सहायक श्रमायुक्त हरिद्वार