नई टिहरी। पुनर्वास की मांग को लेकर अब उठड़ के बांध प्रभावितों ने भी आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को ग्रामीणों ने पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) के निर्माण के लिए असेना से लाई जा रही कंक्रीट के ट्रकों को आगे नहीं बढ़ने दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2003 से उन्हें कोरे आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, अब जब तक पुनर्वास नहीं किया जाता है आंदोलन जारी रखा जाएगा।
जाखणीधार ब्लॉक में उठड़ गांव के 49 परिवारों को वर्ष 2003 में विस्थापित किया गया था। अन्य 29 परिवार तब से ही पुनर्वास की मांग करते रहे हैं, लेकिन तब से कोरे आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पहले उनकी जो भूमि सड़क निर्माण के लिए अधिकृत की गई है, उस जमीन का अंश उनके खातों से नहीं काटी गई है। जिससे 29 परिवारों की 42 से 48 प्रतिशत भूमि ही डूब में आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के लिए काटी गई भूमि उनके खाता-खतौनी से हटाई जाती है, तो उनकी 50 प्रतिशत से अधिक भूमि डूब में आने पर वह पात्रता की श्रेणी में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक गांव के 29 परिवारों को पुनर्वास का लाभ नहीं दिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। जाम लगाने से असेना से रोड़ी ला रहे आठ-दस ट्रक खड़े रहे। जाम लगाने वालों में प्रधान अनीता देवी, अरविंद सिंह रावत, समन सिंह, दिनेश रावत, राजेंद्र रावत, लोकमान सिंह, यशपाल रावत, सीमा, खुशी, मथला, कमली और रेखा आदि शामिल थे।