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अभद्रता और उत्पीड़न की एसीएफ करेंगे जांच, रेंजर डीएफओ दफ्तर अटैच

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लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज में वन कर्मियों से अभद्रता और उत्पीड़न की जांच सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) लैंसडौन को सौंप दी गई है। एसीएफ की जांच रिपोर्ट मिलने तक कोटद्वार के रेंजर डीएफओ दफ्तर से संबद्ध रहेंगे। उनका कार्यभार लालढांग के रेंज अधिकारी को सौंप दिया गया है। सहायक वन कर्मचारी संघ के साथ हुई वार्ता के बाद डीएफओ लैंसडौन अखिलेश तिवारी ने उक्त निर्णय लिया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कोटद्वार के रेंज अधिकारी बीबी शर्मा पर अभद्रता और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए वन कर्मियों की ओर से लैंसडौन के डीएफओ और शिवालिक वृत्त के कंजरवेटर से मामले की शिकायत की गई थी। साथ ही तीन दिन में कोटद्वार के रेंज अधिकारी को न हटाने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। वन कर्मियों से जुड़े इस मामले में सहायक वन कर्मचारी संघ ने हस्तक्षेप करते हुए बृहस्पतिवार सुबह तिलवाढांग में एक आपातकालीन बैठक कर डीएफओ के साथ वार्ता का निर्णय लिया। सहायक वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि डीएफओ अखिलेश तिवारी से उनके कार्यालय में वार्ता की गई, जिसमें मामले की जांच एसीएफ लैंसडौन दिनेश घिल्डियाल को सौंप दी गई है। बताया कि जांच होने तक कोटद्वार के रेंज अधिकारी डीएफओ दफ्तर से अटैच किए गए हैं। डीएफओ अखिलेश तिवारी ने बताया कि सात मार्च तक जांच रिपोर्ट मांगी गई है। कोटद्वार के रेंजर का अतिरिक्त कार्यभार लालढांग के रेंज अधिकारी बिंदरपाल को सौंपा गया है। डीएफओ से हुई वार्ता में संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश वेदवाल, वन आरक्षी संघ के अध्यक्ष महिपाल सिंह, रश्मि खत्री, कमलेश कुमार रतूड़ी आदि शामिल रहे।
यह है मामला
कोटद्वार रेंज में कार्यरत वन दरोगा अनिल देवालाल ने रेंज अधिकारी कोटद्वार पर अभद्रता और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्होंने डीएफओ और कंजरवेटर से शिकायत करते हुए कहा था कि उनका तबादला चार जनवरी को लैंसडौन रेंज से कोटद्वार रेंज में हुआ। छह जनवरी को उन्हें रेंज कार्यालय प्रभाग, सुखरौ और मालन अनुभाग में चार्ज ग्रहण करने के लिए निर्देशित किया गया था। उन्हें कोटद्वार रेंज कार्यालय का कार्यभार तो सौंप दिया गया, लेकिन सुखरौ एवं मालन अनुभाग का चार्ज नहीं सौंपा गया। जब इस बारे में जानकारी चाही तो रेंजर ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया और लैंसडौन रेंज में पुन: भेजने की बात कही गई। आरोप लगाया कि रेंज अधिकारी उनके हर कार्य में आपत्ति लगाते हुए मनोबल गिराने की कोशिश कर रहे हैं और मालन, सुखरो अनुभागों में बिना चार्ज दिए ही कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है।
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