केंद्रीय गढ़वाल विवि से डिग्री पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए विशेष परिस्थितियों में विवि की ओर से छात्रों को एक वर्ष मिल सकेगा। हालांकि यूजीसी की ओर से डिग्री पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए दो वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जाता है।
ऐसे में अब विवि से किसी कारणवश निर्धारित समयावधि में डिग्री कोर्स पूरा न करने वाले छात्र को तीन वर्ष का अतिरिक्त समय मिल जाएगा। इसमें दो वर्ष यूजीसी और एक वर्ष का अतिरिक्त समय विवि विशेष परिस्थितियों में देगा।
बता दें कि यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को वर्ष 2015 में एडवाइजरी जारी की थी कि छात्र को डिग्री पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए नियत समयावधि के अलावा दो वर्ष यूजीसी की ओर से दिए जाएंगे, जबकि एक वर्ष विवि की ओर से विशेष परिस्थितियों में दिया जा सकेग। लेकिन इसके लिए छात्र को विशेष परिस्थितियों के साक्ष्य विवि प्रशासन को देने होंगे।
अब गढ़वाल विवि ने भी किसी छात्र को विशेष परिस्थितियों में साक्ष्य देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त समय मिलेगा। छात्र को ये साक्ष्य विद्या परिषद को सौंपने होंगे। विद्या परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की अनुमति के बाद छात्र को एक वर्ष अतिरिक्त दिया जाएगा।
गढ़वाल विवि की ओर से छात्रों का यह सुविधा दिए जाने पर तीन वर्षीय स्नातक डिग्री अब छात्र छह वर्ष और परास्नातक डिग्री पांच वर्ष में पूरी कर सकता है, जबकि पूर्व में स्नातक डिग्री पूरी करने के लिए पांच और परास्नातक डिग्री पूरी करने के लिए अधिकतम चार वर्ष की बाध्यता थी।
- डिग्री पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए छात्रों को विवि की ओर से एक वर्ष अतिरिक्त दिए जाने के प्रस्ताव पर 15 अप्रैल को आयोजित विद्या परिषद की बैठक में अंतिम मुहर लगा दी गई है। इस सत्र से छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध होगी। प्रो. केडी पुरोहित परीक्षा नियंत्रक, गढ़वाल विवि
यह है यूजीसी का फार्मूला
किसी भी डिग्री पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए यूजीसी ने एन+2+1 का फार्मूला दिया है। इसमें एन पाठ्यक्रम की नियत समयावधि है, जबकि 2 यूजीसी की ओर से दिया जाने वाला अतिरिक्त वर्ष है और 1 विवि की ओर से दिया जाने वाला अतिरिक्त वर्ष। इस फार्मूले के लागू होने से छात्र स्नातक छह वर्ष और परास्नातक पांच वर्ष में पूरा कर सकते हैं।