पेयजल निगम की ओर से जिला योजना के 12 लाख खर्च करने के बाद भी ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध नही हो पा रहा है। योजना निर्माण से पूर्व स्रोत पर ध्यान नहीं दिया गया, लिहाजा योजना पर आपूर्ति बंद हो गई। स्थिति यह है कि ग्रामीण अब स्रोत से पानी ढोने को मजबूर हैं।
विकास खंड कीर्तिनगर के धारपंयाकोटी ग्राम पंचायत में कुडियाड़ व गिदांडू नामी तोक के करीब 20 परिवारों के लिए पेयजल निगम देवप्रयाग की ओर से योजना का निर्माण करवाया गया। 12 लाख की लागत से तैयार योजना पर आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण स्रोत से पानी ढोने को मजबूर है।
ग्रामीण उम्मेद सिंह कंडारी ने बताया कि स्रोत पर पानी कम होने से विभाग को योजना निर्माण से पूर्व खुदाई करने का सुझाव दिया गया था, लेकिन विभाग ने ग्रामीणों की एक नहीं सुनी और योजना बना डाली। कंडारी ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
कनिष्ठ अभियंता प्रदीप भंडारी ने कहा कि इसी वित्तीय वर्ष में तोकों में 12 लाख की लागत से योजना का निर्माण किया गया है, लेकिन स्रोत पर पानी कम हो चुका है। जिससे दिक्कत हो रही है।