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स्कूलों के लिए अलग से हो वाहनों की व्यवस्था: एबीवीपी

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लैंसडौन। धुमाकोट बस हादसे के बाद शासन, प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से ओवरलोडिंग के मामले में की जा रही सख्ती स्कूली बच्चों और अभिभावकों पर भारी पड़ने लगी है। एबीवीपी ने प्रशासन से बच्चों के लिए अलग से वाहनों की व्यवस्था करने और नियमों में थोड़ी शिथिलता प्रदान करने की मांग की है।
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अभाविप कार्यकर्ता विनय कुकशाल के नेतृत्व में महिलाओं के एक शिष्टमंडल ने तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद रतूड़ी से मुलाकात कर उन्हें अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग पर चेकिंग अच्छी बात है, लेकिन छोटे बच्चों के मामले में थोड़ी शिथिलता बरती जानी चाहिए। कहा कि तीन सीटर वाहनों में पांच बच्चे आसानी से जा सकते हैं। अन्य छोटे वाहनों मैक्स/जीप, टाटा सूमो में छात्रों की संख्या 12 से 14 की जानी चाहिए।
शिष्टमंडल में कविता देवी, अगरा देवी, शांति देवी, कविता, सुनिता, करुणा, प्रभा देवी, आयुष्मती ने कहा कि लैंसडौन, गुमखाल, जयहरीखाल, डेरियाखाल पालकोट से बच्चे आर्मी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, कान्वेंट स्कूल, स्नातकोत्तर महाविद्यालय गुमखाल व इंटर कालेज जयहरीखाल आवाजाही करते हैं। सबका आने जाने का साधन मैक्स, टाटा सूमो, जीप हैं। ओवर लोडिंग के मामले में सख्ती होते ही अभिभावकों के समक्ष कई परेशानियां आ रही हैं। वाहन चालकों की ओर से किराया बढ़ोतरी भी कर दी गई है।
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