कोटद्वार। खोह नदी में पोकलैंड और जेसीबी से चल रहे खनन के विरोध में काशीरामपुर तल्ला के ग्रामीणों ने मंगलवार को धरना देने के बाद जमकर हंगामा काटा। लोगों ने शासन और प्रशासन पर खोह नदी के राजस्व क्षेत्र में मनमाने ढंग से खनन करवाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने खननकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने पोकलैंड और जेसीबी से खोह के टापू में खड़े दर्जनभर शीशम के पेड़ उखाड़कर दबा दिए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम राकेश तिवारी और सीओ जेआर जोशी ने घटनास्थल का मुआयना किया।
मंगलवार को काशीरामपुर तल्ला के ग्रामीण राकेश नौटियाल, चंद्रकांत बलोदी, पंकज कोटियाल, प्रवीन कुमार थापा, विजेंद्र त्यागी, सत्यपाल सिंह व कुलवंत सिंह रावत की अगुवाई में ग्रामीणों ने खोह में पोकलैंड और जेसीबी से हो रहे खनन के विरोध में हंगामा किया। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि पुलिस और प्रशासन खननकारियों को शह दे रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खोह के टापू में खड़ेे शीशम के तीन से चार साल के दर्जनों पेड़ खननकारियों ने पोकलैंड और जेसीबी से उखाड़कर दबा दिए। उन्होंने गड्डे में दबाए गए कुछ बड़े पौधे भी दिखाए। कहा कि नदी को चैनलाइजेशन के नाम पर चल रहा अंधाधुंध खनन आने वाली बरसात में आसपास के खेत-खलिहानों और मोटर पुलों की तबाही का कारण बनेगा।
उधर, एसडीएम राकेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया है। खोह में खनन के पट्टे सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। जो नदी को चैनलाइज करने के लिए दिए गए हैं। चैनलाइजेशन में मशीनों के उपयोग का प्रावधान है। कहा कि नदी के चैनलाइजेशन से बाढ़ का खतरा कम हो जाएगा। एसडीएम ने कहा कि खोह के टापू में खड़े शीशम के पेड़ और पौधों को न छेड़ने के निर्देश खनन के पट्टाधारकों को दिए गए हैं।
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