कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड की बैठक में वक्ताओं ने शिक्षकों के दस वर्षों पर चयन वेतनमान के लिए तदर्थ सेवा की गणना पूर्व की तरह रखे जाने की मांग की है। ऐसा न करने पर राजकीय शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है।
रविवार को कोटद्वार के संगठन कार्यालय में आयोजित बैठक में जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने राजकीय शिक्षकों की लंबित समस्याओं पर चर्चा की। कहा कि उत्तर प्रदेश के समय से तथा उत्तराखंड राज्य बने के बाद विनियमितिकृत शिक्षकों को 10 वर्ष की तदर्थ सेवा पर चयन वेतनमान का लाभ दिए जाने के लिए शासन द्वारा समय-समय पर शासनादेश निर्गत किए गए। इससे अधिकांश शिक्षक लाभान्वित हुए हैं, लेकिन विगत दिनों शासन द्वारा एक शासनादेश निर्गत करते हुए आपत्ति लगाई कि तदर्थ सेवाओं का चयन वेतनमान के लिए गणना में लिए जाने की व्यवस्था वित्तीय नियमों में नहीं है। साथ ही विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस मौके पर आशीष खर्कवाल, राजेंद्र भंडारी, राजेश कुकरेती, अब्बल सिंह, बलवीर सिंह रावत, रतन बिष्ट, रविंद्र रावत, धीरेंद्र सिंह रावत, डब्बल सिंह, मुकेश रावत व जगदीश जोशी आदि मौजूद रहे।