कोटद्वार। गत 25 अक्तूबर को कोटद्वार नगर पालिका को नगर निगम में उच्चीकृत करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही जिला और तहसील प्रशासन ने नगर निगम के हिसाब से वार्डों का परिसीमन करने की तैयारी कर ली है। अब नगर निगम में 40 वार्ड होंगे। हर वार्ड की जनसंख्या साढ़े तीन हजार से चार हजार के बीच निर्धारित की गई है।
जिला प्रशासन की ओर से नगर पालिका परिषद सामान्य निर्वाचन-2018 की कवायद शुरू कर दी गई थी। नगर पालिका के हिसाब से 20 वार्डों का खाका तैयार कर दिया गया था। इस बीच सरकार ने ऋषिकेश के साथ ही कोटद्वार को भी नगर निगम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जिसके लिए पूर्व में निर्धारित किए गए 20 वार्डों की संख्या दोगुनी 40 कर दी गई है। वर्तमान में तीन किमी के दायरे में सिमटे नगर पालिका के 11 वार्ड नए परिसीमन के बाद आठ वार्डों में सिमट जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र के शामिल किए गए 73 गांवों में 32 वार्ड बनाए गए हैं।
तहसील प्रशासन की ओर से अब नगर निगम के अनुसार नए परिसीमन की तैयारी कर दी गई है। एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि पहले 20 वार्डों का परिसीमन किया गया था। अब इसे दोगुना कर दिया गया है। नगर निगम के एक वार्ड का मानक अब साढ़े तीन हजार से सात हजार की जनसंख्या का होगा। परिसीमन के लिए बनाई गई कमेटी हर गांव में जाकर नए सिरे से नजरी नक्शा तैयार करेगी। नए परिसीमन के अनुसार अब सनेह पट्टी में 3 वार्ड बनेंगे। मौजूदा नगर पालिका क्षेत्र समेत पदमपुर सुखरौ पट्टी में 23 वार्ड, मोटाढांक पट्टी में 6 और हल्दूखाता पट्टी में 8 वार्ड बनाए जाएंगे।
ईओ बद्रीप्रसाद भट्ट का कहना है कि वर्तमान में 73 गांवों को मिलाने के बाद पूरे इलाके की जनसंख्या करीब 1.35 लाख हो रही है। हालांकि सरकार की ओर से नगर निगम का शासनादेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन अब तैयारी नगर निगम के हिसाब से ही की जा रही है।
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