कोटद्वार। जीएमवीएन की फ्लशडोर फैक्ट्री में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के ड्रीम टूरिज्म प्रोजेक्ट ‘नार्थ कार्बेट रिजॉर्ट’ में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। प्रोजेक्ट का करीब 95 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। इसी साल दिसंबर में कार्यदायी संस्था इसका कार्य पूरा कर यूटीडीबी को सौंप देगी। इस रिजॉर्ट की खास बात यह होगी कि पर्यटकों को यहां अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ही प्रकृति के भी नजदीक से दीदार होंगे। मंगलवार को इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने के लिए खुद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज कोटद्वार पहुंच रहे हैं।
यूटीडीबी के परियोजना प्रबंधक अमित भारद्वाज का कहना है कि पर्यटन संरचना निवेश कार्यक्रम के तहत एडीबी की सहायता से कोटद्वार में करीब 13.07 करोड़ की लागत से नार्थ कार्बेट रिजार्ट का निर्माण किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। करीब दस एकड़ जमीन में बने इस रिजार्ट में पर्यटकों के लिए एक ही स्थान पर आवासीय, कैंटीन, सम्मेलन, मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उत्तराखंड में सरकारी क्षेत्र में टूरिज्म गतिविधियों का एक अनोखा पर्यटन स्थल होगा, जिसका निर्माण दिसंबर तक पूरा कराने की योजना है। इस रिजॉर्ट में सूचना एवं सुविधा केंद्र, पार्किंग की सुविधाएं तो मिलेंगी ही, यहां आठ काटेज, अत्याधुनिक सुविधायुक्त इंटरप्रिटेशन सेंटर, कान्वेंशन सेंटर, म्यूजिकल फाउंटेन, एडवेंचर क्लाइबिंग वाल, ओपन एयर रेस्टोरेंट और खूबसूरत उद्यान का पर्यटक एक साथ लुत्फ उठाएंगे। इस रिजार्ट के बनने से कोटद्वार से कार्बेट पार्क जाने वाले पर्यटकों को शहर में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस प्रोजेक्ट की कार्यदायी एजेंसी के सहायक प्रबंधक काजल कुमार डे ने बताया कि रिजार्ट का मकसद जिम कार्बेट नेशनल पार्क जाने के लिए कोटद्वार स्थित उत्तरी द्वार पर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का है। अभी तक कार्बेट पार्क जाने के लिए लोग रामनगर नैनीताल के रास्ते ही प्रवेश करते हैं। कोटद्वार में कार्बेट नेशनल पार्क का रिसेप्शन सेंटर पहले से ही मौजूद हैं। नार्थ कार्बेट रिजार्ट कोटद्वार में पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।