कोटद्वार/लैंसडौन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शहीद दिवस के उपलक्ष्य में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल के शहीदों का उनके स्कूलों में भावपूर्ण स्मरण किया गया। इस मौके पर बीएसएफ के बटालियन कमांडर की ओर से शहीदों के आश्रितों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोमवार को जीआईसी दुगड्डा में आयोजित कार्यक्रम में शहीद मुख्य आरक्षी भरोसा लाल का भावपूर्ण स्मरण किया गया। बीएसएफ की 98वीं बटालियन तल्लीगुड़ी कूचविहार पश्चिम बंगाल के कमांडर अशोक कुमार सिंह की ओर से सब इंस्पेक्टर गणेश दत्त ने दुगड्डा जीआईसी में आयोजित कार्यक्रम में शहीद भरोसा लाल की पत्नी सावित्री देवी को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
गणेश दत्त ने बताया कि शहीद भरोसा लाल 24 अप्रैल 1990 को पंजाब में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनका परिवार कोटद्वार भाबर के घमंडपुर गांव में रहता है। इस मौके पर मुख्य अतिथि सुभाष कोठारी, विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षक मौजूद थे।
लैंसडौन के राजकीय इंटर कॉलेज जयहरीखाल में आयोजित शहीद दिवस कार्यक्रम में बीएसएफ की 60वीं बटालियन के शहीद सब इंस्पेक्टर बीर सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका स्मरण किया गया। 13 नवंबर 1998 को वीर सिंह श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। इसी बीच, टकनबारी ग्राम में आतंकवादी छिपने की सूचना मिलने पर बीर सिंह ने आतंकवादियों की घेराबंदी की योजना बनाई। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों ने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में बीएसएफ की टीम ने कुख्यात आतंकवादी को मार गिराया। इस मुठभेड़ में बीर सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस अदम्य साहस, वीरता, बलिदान को देखते हुए उनकी वीरता,पराक्रम के लिए मरणोपरांत पुलिस पदक पीएमजी से सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य सीएमएस नेगी, बीएसएफ की 60वीं बटालियन पश्चिम बंगाल से आए हेड कांस्टेबल जयपाल सिंह समेत कई लोग मौजूद थे।
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