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भारी बारिश से एक दर्जन सड़कें बाधित, पैदल नाप रहे दूरी

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कोटद्वार (ब्यूरो)। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश से जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं सड़कों के टूटने से लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ रहा है। दुगड्डा, द्वारीखाल, जयहरीखाल, यमकेश्वर, नैनीडांडा, पोखड़ा, रिखणीखाल विकासखंडों में एक दर्जन से अधिक सड़कें बाधित हो गई है। अगले दो चार दिन में मौसम खुलने पर ही इन सड़कों से मलबा हटाया जा सकेगा। ग्रामीण संपर्क मार्गों की तो कोई सुधलेवा ही नहीं है। कई सड़कों को बंद हुए एक सप्ताह से अधिक समय हो गया है।
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दुगड्डा विकासखंड में नालीखाल-पोखरी खेत मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष चंडीप्रसाद कुकरेती, दर्शन लाल केष्टवाल, राजेंद्र प्रसाद केष्टवाल का कहना है कि लोगों को कई किमी पैदल चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पौखाल-मांडई मार्ग, कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर मार्ग भी बरसात से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कालागढ़ मार्ग को अब 15 नवंबर के बाद ही यातायात के लिए खोला जा सकेगा। द्वारीखाल विकासखंड में बिरमोली-सुराड़ी मार्ग, रिखणीखाल के धारकोट-कलवाड़ी मार्ग पर कई जगहों पर भूधसांव होने से आवाजाही बंद हो गई है। पीएमजीएसवाई लोनिवि खंड कोटद्वार की पोखरखाल-खुर्कपाल मोटर मार्ग, बूंगा से सांकनीखेत मोटर मार्ग, पीपलीपानी से नौलीधार मोटर मार्ग पर भी पहाड़ियों का मलबा आने से यातायात अवरुद्ध हो गया है। यमकेश्वर विकासखंड में तूनखाल-बुकंडी मार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गया है। स्व. जगमोहन सिंह नेगी लक्ष्मणझूला-कांडी-दुगड्डा स्टेट हाईवे पर किमी छह, 13 और किमी 183 पर भारी मलबा आ गया है। कई जगह भूस्खलन से पुश्ते टूट गए हैं। नीलकंठ महादेव मार्ग और बसड़ा-देवियोंखाल मिसिंग लिंक रोड भी बंद हो गया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बंद पड़े मोटर मार्गों से मलबा हटाकर यातायात शुरू कराने की मांग की है। लोनिवि दुगड्डा के अधिशासी अभियंता राजेश चंद्र ने बताया कि बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी भेज दी गई है।
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जारी
चंद्रमोहन शुक्ला
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