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ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए पापीडांडा में भूमि चयनित, शासन को भेजा प्रस्ताव

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कोटद्वार। प्रदेश सरकार ने कोटद्वार भाबर के 35 ग्रामसभाओं को मिलाकर नगर निगम तो बना दिया, लेकिन कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था करना भूल गई। अब नगर निगम ने भाबर क्षेत्र के सिगड्डी में पापीडांडा खाम में एक हेक्टेयर भूमि चयनित कर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है।
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अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय में खोह नदी के किनारे स्वीकृत मौजूदा ट्रंचिंग ग्राउंड काफी छोटा पड़ गया है। कचरे की दुर्गंध के चलते आसपास की आबादी वहां से ट्रंचिंग ग्राउंड हटाने की मांग कर रही है। नगर पालिका के समय से ही नगर से प्रतिदिन उठने वाले करीब 27 टन कूड़े के निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। वर्ष 2011 में ग्रामसभा लालपुर के ध्रुवपुर गांव में सुखरो नदी के किनारे ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए एक हेक्टयर भूमि की स्वीकृति शासन ने प्रदान कर दी थी। नगर पालिका द्वारा कूड़ा निस्तारण के लिए स्वीकृत भूमि पर खुदान का काम भी शुरू कर दिया गया, लेकिन ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं बन पाया। तभी से कूड़ा निस्तारण के लिए भूमि की तलाश की जा रही है।
कोटद्वार नगर निगम का भौगोलिक स्वरूप ट्रंचिंग ग्राउंड की भूमि की राह में रोड़ा बना हुआ है। दरअसल नगर निगम के चारों ओर वन सीमाएं लगती हैं। इसके अलावा नगर के बीच में बहने वाली नदियां गंगा की सहायक नदियां हैं, जिसके चलते वन अधिनियम के साथ ही एनजीटी के मानकों के चलते ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए लैंसडौन वन प्रभाग के सिगड्डी क्षेत्र में पापीडांडा खाम में एक हेक्टेयर भूमि चयनित कर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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-राजेेश नैथानी, सहायक नगर आयुक्त कोटद्वार
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