कोटद्वार। नगर निगम विरोध संघर्ष समिति ने राज्य सरकार के ग्राम स्वराज अभियान को ढोंग बताते हुए नगर निगम की अधिसूचना और ग्राम स्वराज अभियान की प्रतियां जला दीं। इस मौके पर संघर्ष समिति ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि एक ओर केंद्र सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों के भारत की बात कर रही है, वहीं कोटद्वार भाबर के गांवों पर जबरन नगर निगम थोपकर तानाशाह बनी हुई है। रविवार को संघर्ष समिति ने नजीबाबाद चौक पर एकत्र होकर राज्य सरकार के ग्राम स्वराज अभियान और नगर निगम की अधिसूचना की प्रतियां जला दीं। समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों का वजूद खत्म कर जनभावनाओं के विपरीत नगर निगम बना रही है, वहीं जनता को गुमराह करने के लिए सरकारी ग्राम स्वराज अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने ग्राम स्वराज अभियान को चुनावी ढोंग बताया। कहा कि भाबर की जनता के मुख्य मुद्दे जिला निर्माण, केंद्रीय विद्यालय खोलने, कंडी मार्ग, लालढांग-चिलरखाल मार्ग भुला दिए गए हैं। कोटद्वार भाबर की जनता नगर निगम और जिला विकास प्राधिकरण का खुलकर विरोध कर रही है।
इस मौके पर राजाराम अंथवाल, गोविंद डंडरियाल, प्रवेंद्र सिंह, प्रवेश नवानी, प्रवेश रावत, मनमोहन नेगी, चंद्रप्रकाश नैथानी, बृजपाल नेगी, विजय ध्यानी, प्रदीप सिंह नेगी, प्रवीण कुमार, आनंद प्रकाश बुड़ाकोटी, हरीश घिल्डियाल, विजय कंडारी, सतेश्वरी बिष्ट, कल्पेश्वरी नेगी, शांति असवाल, आनंदी रावत व गुड्डी बिष्ट और सोनम आदि शामिल थे।
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