कोटद्वार। जिला पंचायत की विभिन्न समितियों की यहां हुई बैठक में सदस्यों की ओर से कई विकास योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव आए। इस मौके पर सदस्यों ने जिला नियोजन समिति (डीपीसी) की बैठक में विधायकों के बढ़ते हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याण, जल प्रबंधन, प्रशासनिक, जल प्रबंधन आदि समितियों के प्रस्तावों पर चर्चा की। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्र की जन समस्याओं के निस्तारण पर जोर दिया। जिला पंचायत की त्रैमासिक बैठक बृहस्पतिवार को कोटद्वार के प्रेक्षागृह में आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी जिलास्तरीय अधिकारी हिस्सा लेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत ने बताया कि बृहस्पतिवार को होने वाली त्रैमासिक बैठक से एक दिन पूर्व बुधवार को कोटद्वार प्रेक्षागृह में विभिन्न समितियों की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें शिक्षा, निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जल प्रबंधन, विकास आदि समितियों के कार्य और प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित जिला पंचायत सदस्यों ने अपने की समस्याओं के निस्तारण के प्रस्ताव दिए। सदन में पंचायत प्रतिनिधियों के बढ़े हुए मानदेय को सदस्यों के सामने रखा गया। डीपीसी मेंबर द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर कटौती करने के लिए डीएम के साथ जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में मुलाकात कर समस्याओं के निस्तारण पर वार्ता की जाएगी। सदस्यों ने चेताया कि समस्याओं का निस्तारण न होने पर उन्हें आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।
सदस्यों ने सरकारों द्वारा लगातार पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों में कटौती करने और डीपीसी में विधायकों के हस्तक्षेप पर रोष व्यक्त किया। पोखड़ा के जिला पंचायत सदस्य प्रवेश सुंदरियाल ने कहा कि करोड़ों का बजट एक ही विधानसभा में खर्च हो रहा है। भरत नेगी ने जिला पंचायत की कार्यदायी संस्था के हैड से दो करोड़ की धनराशि वापस लेने पर विरोध जताते हुए इसे पुन: बहाल करने की मांग की। बैठक में शिक्षा समिति के अध्यक्ष व जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, अपर मुख्य अधिकारी संतोष खेतवाल, भरत नेगी, रमेश रावत, कपोत्री देवी, रितु नेगी, गीता राणा, मीरा रतूड़ी, प्रवेश सुंदरियाल, नरेंद्र कनपुडिया, भगवान सिंह नेगी, यशपाल पव्वाल, जयदीप नेगी, भूपेंद्र लाल, प्रकाश बुटोला, करमवीर भंडारी, हरेंद्र सिंह नेगी, ईश्वर चंद्र आदि मौजूद रहे।