फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से भड़के पूर्व सैनिक

विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार। पूर्व सैनिकों ने काशीरामपुर तल्ला में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के विरोध में मंगलवार को तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन

मंगलवार को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान और विभा चौहान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के विरोध में नारेबाजे करते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर आयोजित सभा में पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान ने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेताओं की शह पर काशीरामपुर में केंद्रीय विद्यालय के लिए चयनित भूमि पर बाहरी लोगों से अतिक्रमण कराया जा रहा है। एक समुदाय विशेष द्वारा केंद्रीय विद्यालय के लिए काशीरामपुर तल्ला में चयनित भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। जनपद बिजनौर और बंगलादेश से आए हुए लोग आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। नगर में कानून व्यवस्था एक गंभीर चुनौती बन गई है। उन्होंने बाहरी लोगों का पुलिस सत्यापन कराने, काशीरामपुर तल्ला की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने, बालासौड़ में छह पूर्व सैनिकों के घर हुई चोरी का खुलासा करने की मांग की। इस अवसर पर प्रवीण पुरोहित, गोपालकृष्ण बड़थ्वाल, सीपी डोबरियाल, दलबीर सिंह रावत, जसवंत सिंह चौहान, मनवर सिंह बिष्ट, कमल, श्रीधर प्रसाद केष्टवाल, आनंद बल्लभ घिल्डियाल व सुल्तान सिंह रावत आदि मौजूद थे।

-फोटो

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं : नेगी
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने वार्ड नंबर-6 काशीरामपुर तल्ला में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने जारी बयान में कहा कि वर्ष 1981 में काशीरामपुर तल्ला में सरकारी भूमि पर चार लोगों को पट्टे आवंटित किए गए थे। इसके बाद काशीरामपुर तल्ला में नदी क्षेत्र की सरहद स्थित सरकारी भूमि पर जिला प्रशासन की ओर से कोई पट्टे आवंटित नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि 23 नवंबर को काशीरामपुर तल्ला के ग्रामीणों ने उनसे मुलाकात कर 14 बीघा जमीन पर अतिक्रमण करने की सूचना दी। सूचना के बाद उन्होंने एसडीएम और सहायक नगर आयुक्त को फोन कर अविलंब मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जे हटाने को कहा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें