कोटद्वार। कोटद्वार में आपदा को आए दस दिन हो गए, लेकिन अभी तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो छोड़ दो, नगरपालिका क्षेत्र में भी अभी तक लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। नगरपालिका क्षेत्र के अपर कालाबड़ क्षेत्र के आपदा पीड़ितों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। आलम यह है यहां के आधा दर्जन घरों में अभी भी मलबा भरा हुआ है। लोग नगरपालिका और प्रशासन की बेरुखी से मायूस हैं।
तीन अगस्त को बादल फटने के बाद आई बाढ़ में नगरपालिका वार्ड नंबर एक अपर कालाबड़ से ग्राम पंचायत गिवंईसोत को जोड़ने वाले पुल पर पेड़ अटकने के कारण पूरा पानी नगरपालिका क्षेत्र की ओर डायवर्ट हो गया था। इसमें राम बहादुर, मनोज और मोहन का पूरा घर तबाह हो गया। वह अब खुले आसमान में रहने को मजबूर हैं। शैलेंद्र सिंह नेेगी के पूरे घर में मलबा भरा हुआ है। कच्चे मकान भी टूटे। पूरा सामान खराब हो गया है। उन्होंने भी घर के अंदर का पूरा फर्नीचर और अन्य सामान आंगन में जमा मलबे में फेंका हुआ है। श्याम प्रसाद थपलियाल की मोबाइल की दुकान थी। बाढ़ में उसके सभी मोबाइल, कंप्यूटर सहित लाखों का सामान बह गया। इसके अलावा कई घरों में मलबा भरा हुआ है। लोग दस दिन बीत जाने के बाद भी नगरपालिका की ओर से मदद के लिए टकटकी लगाए हुए हैं।
स्थानीय नागरिक सुशील हिंदवाण, कलावती देवी व पंकज कुमार ने नगर पालिका पर उनकी सुध नहीं लेने का आरोप लगाया। कहा कि आपदा को आए दस दिन होने को हैं, लेकिन सभासद से मदद की गुहार लगाने के बाद भी उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। नगर पालिका मुख्य मार्ग पर जेसीबी द्वारा मलबा हटाकर चलती बनी। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान द्वारा घरों से मलबा निकालने के लिए लेबर लगाई गई है, लेकिन नगर पालिका की ओर से उन्हें अभी तक किसी प्रकार की मदद नहीं मिल रही है।
उधर, नगर पालिका के ईओ बीपी भट्ट ने बताया कि उन्हें अपर कालाबढ़ में आपदा की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को भेजकर लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
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रोटरी क्लब ने 125 परिवारों को बांटी राहत सामग्री
कोटद्वार। रोटरी क्लब ने बाढ़ पीड़ित 125 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। रविवार को नजीबाबाद रोड स्थित रोटरी भवन में काशीरामपुर की प्रधान सुनीता देवी ने एक प्रभावित को राहत देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद ग्रास्टनगंज, आदर्श नगर, गिवंईसोत आदि आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को रात सामग्री दी गई। रोटेरियन अनिल भोला के नेतृत्व में मानपुर, शिवपुर और आमपड़ाव में राहत सामग्री वितरित की गई।