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लोगों की मेहनत पर कुदरत ने फेरा पानी, आबादी में फिर घुसा मलबा

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कोटद्वार। कोटद्वार शहर और समीपवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय प्रशासन और प्रभावित लोग जहां शुक्रवार को पूरे दिन अपने घर, आंगन और सड़कों का मलबा हटाने में जुटे रहे, वहीं पनियाली गदेरे से आए मलबे ने उनकी पूरी मेहनत पर शनिवार तड़के फिर पानी फेर दिया। शुक्रवार को ही यदि पनियाली गदेरे में थोड़ा बहुत ट्रीटमेंट कर दिया जाता तो शनिवार की सुबह लोगों को दोहरी मुसीबत नहीं झेलनी पड़ती।
जिला पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग आबादी में घुसे मलबे को हटाने में जुटा रहा। देवी रोड का मलबा हटाकर उसे यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया था। रिफ्यूजी कालोनी और हाइडिल कालोनी में घुसा मलबा भी काफी हद तक साफ कर कामचलाऊ व्यवस्था कर दी गई थी। फिर पहाड़ों पर हुई भारी बरसात से उफनाए पनियाली गदेरे का मलबा शनिवार को उसी जगह से सीएसडी कैंटीन और एमटी कैंप होते हुए आबादी में घुस गया। इस बार इस मलबे ने पहले की तुलना में ज्यादा तबाही मचा दी। गनीमत यह रही कि रिफ्यूूजी कालोनी में रात को कोई ठहरा नहीं था। पूरी कालोनी मलबे से भर गई। एक दिन पहले साफ की गई देवी रोड फिर से मलबे से पट गई। सीएसडी कैंटीन और आर्मी के एमटी कैंप में शनिवार को आए मलबे ने बड़ी तबाही मचा दी। हाइडिल कालोनी में लगातार दूसरे दिन आए मलबे ने ऊर्जा निगम को लाखों रुपये की चपत लगा दी है। यूपीसीएल के स्टोर में ट्रांसफार्मर समेत अन्य उपकरण मलबे में दब गए। शहरवासियों के साथ ही ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सीएसडी कैंटीन के पास पनियाली गदेरे पर फौरी ट्रीटमेंट करने और गदेरे में अतिक्रमण कर बनाए गए भवनों को हटाने की मांग की। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि आपदा प्रभावितों की हरसंभव मदद की जा रही है। रिफ्यूजी कालोनी के करीब 50 परिवारों को राहत कैंप में रखा गया है।
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सरकारी अस्पताल में घुसा बरसाती पानी
कोटद्वार। राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के निर्माण में जुटी कार्यदायी संस्था उत्तरप्रदेश निर्माण निगम की लापरवाही के चलते बरसात का पानी अस्पताल के आपातकालीन भवन में घुसने से अफरा तफरी मच गई। अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई मशीनों तक बरसाती पानी पहुंच गया। इसके कारण डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब हो गई।
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कोटद्वार अस्पताल का भवन तैयार हो गया है, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा बरसाती पानी की निकासी के लिए अभी तक व्यवस्थाएं नहीं बनाई गई हैं। उधर, अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि कार्यदायी संस्था द्वारा डाक्टरों के आवास पर कार्य किया जा रहा है। उसके लिए अस्पताल की मुख्य मार्ग वाली दीवार को तोड़ा गया है। तेज बारिश के चलते पानी अस्पताल के बेसमेंट और उसके बाद इमरजेंसी में घुस गया। एमआरआई, सिटी स्कैन मशीन को चेक करा दिया गया है, लेकिन, डिजिटल एक्स-रे मशीन के सीपीयू नीचे होने के कारण उसमें खराबी आ गई है। उसे दिखाया जा रहा है।
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