कोटद्वार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस धर्मशक्तू ने बिजली चोरी और उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी के मामले में एक अभियुक्त को तीन साल की सजा और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी बनाए गए दूसरे व्यक्ति को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि 23 जून, 2015 को ऊर्जा निगम कोटद्वार के अधिकारियों ने बिजली चोरी और उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी के मामले में कोटद्वार निवासी मिथुन और अकबर के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 11 गवाहों को पेश किया गया, जिसमें छह भुक्तभोगी विद्युत उपभोक्ताओं ने गवाही दी। जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि ऊर्जा निगम की ओर से नगर क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2015 में उपभोक्ताओं के मीटर बाहर लगाए जा रहे थे। इस दौरान कई लोगों के मीटरों की जांच में विभागीय मीटर के बजाय अनाधिकृत मीटर पाए गए। ग्राहकों से पूछताछ और जांच के बाद विभागीय कर्मचारी बनकर फर्जी मीटर लगाए जाने का खुलासा हुआ। तत्कालीन अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्रा की ओर से दो लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। शहर के छह बिजली उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे, जिन्होंने कोर्ट में बाकायदा गवाही भी दी।
जिला न्यायाधीश ने कोटद्वार कैंप कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य आरोपी धोबीघाट, गाड़ीघाट कोटद्वार निवासी मिथुन कुमार पुत्र रमेश चंद्र को संबंधित धाराओं में दोषी पाते हुए तीन साल के कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इसी मामले के दूसरे आरोपी अकबर हुसैन पुत्र अख्तर हुसैन निवासी नगीना जिला बिजनौर यूपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।