कोटद्वार। राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार में अव्यवस्थित पार्किंग के चलते एंबुलेंस और गंभीर हालत के मरीजों को इमरजेंसी कक्ष तक पहुंचाने वाले वाहनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन को इसकी शिकायत किए जाने के बाद भी पार्किंग व्यवस्था सुचारु करने के लिए व्यवस्थाएं नहीं बनाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने कोटद्वार के संयुक्त चिकित्सालय के पुराने भवन को तोड़कर उसके स्थान पर तीन मंजिला अस्पताल भवन बनाते हुए अस्पताल का उच्चीकरण तो कर दिया, लेकिन अस्पताल में पार्किंग की व्यवस्था बनाना भूल गया। अस्पताल में सैकड़ों की तादाद में रोजाना पहुंच रहे मरीजों के वाहनों के लिए वाहन खड़ा करने की उचित व्यवस्था नहीं है। यही नहीं, अस्पताल के मुख्य द्वार से करीब 100 मीटर की दूरी पर इमरजेंसी कक्ष है, जहां तक पहुंचने के लिए सड़क बनाई गई है, लेकिन इस मार्ग पर भी खड़े वाहनों के कारण गंभीर बीमारी और दुर्घटनाओं में घायल लोगों को इमरजेंसी तक पहुंचने में वाहनों के हटने की प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
स्थानीय निवासी दीपक ध्यानी, सतीश मलासी, राजेंद्र सिंह नेगी व कुलदीप सिंह रावत ने अस्पताल प्रशासन पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में पार्किंग को व्यवस्थित करने के लिए कर्मचारी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण लोग अस्पताल परिसर में आड़े तिरछे वाहन खड़ा कर देते हैं। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उधर, अस्पताल के सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि इमरजेंसी मार्ग पर खड़े वाहनों से मरीजों को परेशानी होती है। पार्किंग को व्यवस्थित रखने के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था करने के लिए विभाग को लिखा गया है। स्वीकृति मिलते ही पार्किंग की व्यवस्था सुचारु की जाएगी।