कोटद्वार। नगर निगम के वार्ड नंबर-27 दुर्गापुर पूर्व में ग्राम पंचायत के रूप में अस्तित्व में थी। वार्ड की आबादी वर्तमान में करीब तीन हजार है। वार्ड में 1122 पुरुष और 1419 महिला मतदाता हैं। बढ़ती आबादी और वर्षों पुरानी पेयजल लाइनों का पुनर्गठन न होने से कई इलाकों में लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। वार्ड के करीब 75 फीसदी गांवों में खेती होती है। कई इलाकों में सफाई और स्ट्रीट लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। इलाके के संपर्क मार्ग खस्ताहाल हैं। नगर निगम बनने से क्षेत्र के ज्यादातर काश्तकार नाराज हैं। उनका कहना है कि नगर निगम बनने से लोगों को गोशाला और मकान बनाने के लिए मानचित्र पास कराने का चक्कर डाल दिया गया है, जिसमें उनका समय और पैसा बर्बाद हो रहा है।
वार्ड नंबर-27 दुुर्गापुर में भाबर के दुर्गापुर, खूनीबड़ और जीवानंदपुर गांवों को शामिल किया गया है। दुर्गापुर और खूनीबड़ के कई इलाकों में पेयजल की भारी किल्लत है। बाजार के इर्द-गिर्द के कई इलाके कंकरीट के जंगल में तब्दील हो गए हैं, लेकिन पेयजल लाइनों का पुनर्गठन अभी तक नहीं हुआ है। विमला देवी, सीता देवी व राजेश्वरी देवी ने बताया कि यूपी के बिजनौर वन प्रभाग की सीमा से लगे जीवानंदपुर में जंगली जानवरों की दहशत है। लोग खेतीबाड़ी पर निर्भर हैं। हाथी काश्तकारों की फसलों को रौंद रहे हैं। गांव में सिंचाई गूलों की मरम्मत न होने से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। दो साल पहले आपदा से क्षतिग्रस्त गूल का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे खेत बंजर होने के कगार पर हैं। दीपा ग्वाड़ी ने बताया कि सिंचाई की सुविधा न मिलने से उनका पांच बीघा खेत बंजर पड़ा हुआ है।
इलाके के कई संपर्क मार्ग खस्ताहाल में हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में गत पांच माह से गैस के वाहन गलियों में नहीं आ रहे हैं। उन्हें सिलिंडर भरवाने के लिए घमंडपुर और निंबूचौड़ जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि वे उसी प्रत्याशी का समर्थन करेंगे, जो उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ लेगा।
वार्ड से ये हैं प्रत्याशी
कमल सिंह-भाजपा
बीरेंद्र सिंह रावत-कांग्रेस
नीलेंद्र सिंह-निर्दलीय
श्रीधर प्रसाद-निर्दलीय