कोटद्वार। गत 25 अगस्त की आपदा के बाद से संवेदनशील बने कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे पर लालपुल के पास भूस्खलन जारी है। तीन दिन बंद होने के बाद 28 अगस्त को खुले राष्ट्रीय राजमार्ग पर विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। विभाग की ओर से सड़क बाधित होते ही भारी भरकम मशीनें लगाकर इसे यातायात के लिए खोला जा रहा है। सोमवार को भी भारी बारिश से हाईवे डेढ़ घंटा बाधित रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
गढ़वाल की लाइफ लाइन कोटद्वार-पौड़ी हाईवे कोटद्वार से करीब तीन किमी दूर लालपुल के पास भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बन गया है। 25 अगस्त की सुबह यहां पर पूरी पहाड़ी दरककर सड़क पर आ गई थी, जिसे खोलने में विभाग को तीन दिन लग गए। अब भी मलबा पूरी तरह से नहीं हटाया गया है। सड़क का करीब 70 से 100 मीटर का पैच नदी में समा गया है। एनएच खंड धुमाकोट ने पहाड़ी काटकर सड़क पर यातायात शुरू करने की व्यवस्था की है। अधिकारी अब बरसात थमने के बाद ही मार्ग का स्थायी समाधान ढूंढने की बात कर रहे हैं। सोमवार को सुबह साढ़े ग्यारह बजे पहाड़ी का मलबा आने से सड़क बाधित हो गई, जिसे डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद खोल दिया गया।
अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर दो पोकलेन और कई जेसीबी लगाई गई हैं। सड़क पर मलबा आते ही उसे हटाया जा रहा है। अधिक ट्रैफिक होने और पहाड़ आने जाने की इकलौती सड़क होने से मलबा हटाने में दिक्कत हो रही है।
-फोटो