कोटद्वार। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत वाणिज्य कर, बिजली के बिल, बैंकों का कर्जा अदा न करने वाले 24 बड़े बकाएदारों की कुर्की के आदेश एसडीएम कोटद्वार ने अधीनस्थ अधिकारियों को जारी कर दिए हैं। इसके लिए बकाएदारों को 28 अगस्त तक की मोहलत दी गई है। 28 अगस्त के बाद कुर्की की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। कुर्की के तहत संबंधित संपत्तियों की सार्वजनिक रुप से नीलामी करने को कहा गया है। प्रशासन के रुख से कर्जदारों में खलबली मची है।
कोटद्वार शहर से ग्रामीण अंचल तक औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्ट्री मालिक, बड़े दुकानदार और बैंकों के कर्जदारों ने जब वाणिज्य कर, बिजली के बिल और बैंकों का ऋण नहीं लौटाया तो संबंधित विभागों की ओर से उनकी सूची जिलाधिकारी को राजस्व वसूली के लिए भेज दी गई है। जिलाधिकारी की ओर से यह मामला कोटद्वार तहसील में भेज दिया गया है। डिफाल्टर कर्जदारों की सूची में शामिल होने वाले कोटद्वार के इन 24 नामचीन लोगों में हड़कंप मचा है। वे किसी तरह से अपने नाम सार्वजनिक न करने के लिए शासन और प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इन बकाएदारों को एसडीएम कमलेश मेहता की ओर से 28 अगस्त की मोहलत दी है। इसके बाद उनके नाम सार्वजनिक करते हुए उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी।
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आनंद रतूड़ी ने बताया कि उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता ने वाणिज्य कर, बैंक देय, सहकारिता देय और विद्युत देय के इन मामलों को गंभीरता से लिया है। इन 24 बड़े बकाएदारों के विरुद्ध चल-अचल संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।