कोटद्वार। अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों ने शनिवार को भी कार्य बहिष्कार किया। उनका धरना प्रदर्शन 47वें दिन भी जारी रहा। कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से आशाओं को मात्र आश्वासन ही दिया गया, लेकिन मांगों को लेकर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में कामकाज छोड़कर धरना-प्रदर्शन कर रही आशाओं में रोष व्याप्त है। आशाओं ने प्रदेेश सरकार से जल्द मांगों के निस्तारण करने की मांग की है।
शनिवार को कोटद्वार तहसील में आशा संगठन की दुगड्डा ब्लॉक की अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि सभी आशा कार्यकत्रियां अपने घर के कामकाज को छोड़कर 47 दिन से धरना-प्रदर्शन कर रही है, लेकिन सरकार की ओर से आशाओं की मांगों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री के कोटद्वार दौरे पर आशाओं को दिए गए आश्वासन के बावजूद उनकी मांगें ठंडे बस्ते में है।
उन्होंने कहा कि आशाएं 12 वर्ष से स्वास्थ्य विभाग को अपनी सेवाएं दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार लगातार आशाओं की उपेक्षा कर रही हैं। आशाओं ने उनके द्वारा दी जा रही सेवाओं के लिए उचित मानदेय देने की मांग की है।
इस अवसर पर संगठन की उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, नीलम कुकरेती, सुनीता नेगी, भागीरथी भंडारी, राखी रावत, ज्योति रावत, रोशनी जदली, विनिता काला, मीना रावत, सुमित्रा भट्ट, कल्पना बिष्ट, उषा देवी, उषा चौहान, गोदांबरी देवी, सरोज जदली आदि मौजूद रहे।
- फोटो -