कोटद्वार। जनता के विरोध के बावजूद कोटद्वार भाबर के 73 गांवों को नगर निगम में शामिल करने के विरोध में यूकेडी ने शनिवार को यूपी बॉर्डर स्थित कौड़िया चेक पोस्ट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नाक पकड़कर राज्य सरकार शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाए। इस मौके पर जुलूस प्रदर्शन के बाद जनसभा का आयोजन किया गया। इसमें कहा गया कि राज्य गठन के 17 साल बाद भी जब कोटद्वार शहर की दशा नहीं बदल सकी तो निगम बनाने के बाद गांवों से तो उनके अधिकार भी छिन जाएंगे।
शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यूकेडी के कार्यकर्ता यूपी बॉर्डर स्थित कौड़िया चेक पोस्ट पर पहुंचे। यहां उन्होंने कोटद्वार शहर से निकलने वाले गंदे नाले और बदहाल सीवर व्यवस्था की ओर जनता और सरकारी मशीनरी का ध्यान आकृष्ट किया। कहा कि जब कोटद्वार की नगर पालिका तीन किमी के दायरे में कुछ नहीं कर सकी तो नगर निगम बनाने से क्या होगा। कहा कि नगर निगम ग्रामीण जनता को उनके अधिकारों से वंचित करने का षड्यंत्र है। आरोप लगाया कि नगर निगम का निर्माण भूमाफिया, खनन माफिया और तथाकथित सफेदपोशों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है। आम जनता से तो केवल टैक्स वसूली होनी है। यूकेडी के संरक्षक डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि नवंबर में नगर निगम के विरोध में आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। लोगों को भाजपा सरकार की हकीकत से रूबरू कराया जाएगा। चिलरखाल मार्ग, कोटद्वार जिला निर्माण, मेडिकल कालेज समेत कई विकास कार्य ठप पड़े हैं, केवल नगर निगम बनाकर जनता को परेशान किया जाएगा। कहा कि भाजपा के नेता नगर निगम को कोटद्वार भाबर की जनता के लिए सौगात बता रहे हैं, जबकि यह जनता के लिए किसी बड़ी सजा से कम नहीं है।
प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता नंदन सिंह रावत, जिलाध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, हरीश द्विवेदी, सुनील सेमवाल, श्रवण सिंह रावत, पुष्कर सिंह रावत, मनोहर सिंह नेगी, बालम सिंह नेगी, विनोद चौधरी, जगदीश सिंह, अर्जुन सिंह नेगी, प्रवेंद्र सिंह रावत, वीरेंद्र थलेड़ी, गजेंद्र तिवारी, सुरेंद्र भाटिया, राम सिंह सैनी, मंजू शर्मा, कैलाश जोशी, बीएन भारद्वाज, कांति सिंह, विजय भंडारी, आनंद सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
फोटो समाचार