कोटद्वार। गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार से तीन महत्वपूर्ण डाक्टरों का तबादला होने से जहां क्षेत्रवासियों में आक्रोश बना हुआ है, वहीं इस बीच सीएमएस का भी ट्रांसफर आदेश पहुंचने से लोग भड़के हुए हैं। जनाक्रोश को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश और स्वास्थ्य महानिदेशक आरएस रावत से बात कर कोटद्वार अस्पताल में जल्द डाक्टरों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कोटद्वार से ट्रांसफर डाक्टरों के बदले दो दिन के भीतर डाक्टरों की तैनाती करने को कहा।
कोटद्वार अस्पताल में डाक्टरों की कमी से लचर हुई स्वास्थ्य सुविधाओं को भाजपा और उसके घटक संगठनों की ओर से गंभीरता से लिया जा रहा है। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने भी इस मसले पर क्षेत्रीय विधायक और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। कहा कि कोटद्वार का अस्पताल पौड़ी जिले के सत्तर फीसदी से अधिक गांवों का रेफरल अस्पताल है। हर रोज यहां से सैकड़ों मरीज डाक्टर न होने के कारण बैरंग लौट रहे हैं। कांग्रेस इस मामले को भाजपा सरकार की नाकामी के रुप में प्रचारित कर रही है।
वन मंत्री के निजी प्रेस सचिव चन्द्रमोहन जदली ने बताया कि वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने डाक्टरों की कमी, सीएमएस के तबादले को गंभीरता से लिया है। बताया कि शासनस्तर पर हुई वार्ता के बाद दो दिन के अंदर ट्रांसफर हुए डाक्टरों के बदले डाक्टर नियुक्त करने का भरोसा दिया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि सीएमएस का तबादला न हो। कहा कि जल्द ही अस्पताल की व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएंगी।