कोटद्वार। राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालपुल के पास मंदिर तोड़े जाने के मामले में लैंसडौन वन प्रभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मंदिर निर्माण कराए जाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। विहिप के आंदोलन को भारत विकास परिषद, शिव शक्ति मंच, युवा सेना और सुखरौ देवी मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
मंगलवार को विहिप के नगर संरक्षक अमित शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में संरक्षक अमित शर्मा ने वन विभाग पर धार्मिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया। कहा कि वन विभाग की तानाशाहीपूूर्ण रवैये के चलते प्राचीन मंदिर को तोड़कर सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं, मंदिर तोड़ने का विरोध करने पर दमनकारी नीति अपनाते हुए झूठे आरोप लगाकर लोगों पर फर्जी मुकदमे किए जा रहे हैं। इसके कारण क्षेत्र की जनता आक्रोशित है।
आंदोलन समिति के संयोजक संजय थपलियाल ने शासन पर डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। कहा कि तीन दिन के अंदर मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर भारत विकास परिषद के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, शिव शक्ति मंच के संरक्षक नंदन सिंह रावत, सुखरौ देवी मंदिर के सचिव विजय ध्यानी, युवा सेना के अध्यक्ष अनूप थपलियाल, विहिप के जिलाध्यक्ष संदीप डबराल, राजेंद्र बिष्ट, सोम नैथानी, राहुल अग्रवाल, देवेंद्र कुमार, संजय गोदियाल, अशोक भारद्वाज, सुमित सिंघल, मनोज भंडारी, कुलदीप चौहान, रानू अग्रवाल व अमित करनवाल आदि मौजूद थे।