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मालन नदी में खनन से 11 दिन में मिला 16 लाख रुपये का राजस्व

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कोटद्वार। मालन नदी में खनन का पट्टा उत्तराखंड वन विकास निगम के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। निगम ने मालन नदी में खनन के पट्टे से केवल 11 दिन में 16 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। इसके बावजूद कण्वाश्रम से लेकर तल्ला मोटाढांक तक अवैध खनन के धंधे पर रोक नहीं लग पा रही है।
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करीब एक साल बाद गत एक अप्रैल को राज्य सरकार ने उत्तराखंड वन विकास निगम को मालन नदी में खनन की अनुमति प्रदान की। 11 अप्रैल को मतदान के दिन अवकाश के कारण नदी खनन चुगान के लिए बंद रही। इन 11 दिनों में वन निगम ने नदी के आरबीएम (रिवर बेड मैटीरियल) से 16 लाख रुपये की कमाई की। मालन नदी के खनन के लिए न खुलने से जहां एक ओर नदी में अवैध खनन का धंधा चल रहा था, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा था। नदी में खनन खुलने से सरकारी और गैरसरकारी एजेंसियों को अब आसानी से निर्माण सामग्री मिल रही है। यह बात अलग है कि मालन में वैध खनन खुलने के बाद भी अवैध खनन पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पा रहा है। शाम को अंधेरा होते ही कण्वाश्रम, मवाकोट, कोठला, नंदपुर, पदमपुर मोटाढांक से लेकर शिवराजपुर और देवरामपुर में नदी तटों पर अवैध खनन धड़ल्ले से शुरू हो जाता है। चुनाव आचार संहिता के कारण पुलिस प्रशासन ने अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए कई ट्रैक्टर-ट्रालियां और डंपर सीज भी किए, लेकिन चुनाव निपटते ही एक बार फिर से अवैध खननकारी सक्रिय हो उठे हैं।

12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 28579 घनमीटर आरबीएम उठान की अनुमति
वन विकास निगम के लौंगिग अधिकारी मुलायम सिंह बिष्ट के अनुसार नए वित्तीय वर्ष में वन निगम को करीब 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 28579 घनमीटर उपखनिज उठान की अनुमति मिली है। निगम की ओर से इसके लिए राज्य सरकार को पांच लाख रुपये की अग्रिम रायल्टी जमा कराई गई है। 31 मई को मानसून सत्र के कारण नदी में खनन बंद कर दिया जाएगा। खनन पूरी तरह से नियोजित तरीके और मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। आरबीएम का प्रति कुंतल मूल्य करीब 19 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें जीएसटी और आयकर अलग से लिया जा रहा है। वन निगम प्रति वाहन 48 रुपये उपखनिज की तुलाई अलग से ले रहा है।
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मालन नदी खनन के लिए खुल चुकी है। ऐसे में अवैध खनन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रैक्टर-ट्राली वालों को अपने वाहनों का व्यावसायिक पंजीकरण कराकर वन निगम के पट्टे से आरबीएम खरीदना चाहिए। जल्द ही अवैध खनन को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएंगे। -मनीष कुमार सिंह, एसडीएम कोटद्वार
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