कोटद्वार। पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की उदासीनता के कारण कोटद्वार की प्रमुख नदियों खोह, मालन और सुखरो में धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है। खोह में खननकारियों ने नदी को राजकीय स्टेडियम की सुरक्षा दीवार तक गड्ढे खोद डाले हैं, जिससे स्टेडियम पर भी खतरा मंडराने लगा है। उपक्रीड़ा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को पत्र लिखकर आगाह किया है।
कोटद्वार क्षेत्र की प्रमुख नदियों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन से तटवर्ती गांवों के लोगों की नींद हराम हो गई है। नदियों में खनन पर रोक के बावजूद क्षेत्र की खोह, मालन व सुखरो नदी में अवैध खनन होने से तटवर्ती आबादी को भी खतरा पैदा होने लगा है। खोह नदी में चल रहे अवैध खनन से पुल व पालिका के ट्रंचिंग ग्राउंड के साथ ही राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम को भी खतरा पैदा हो गया है। बावजूद इसके पुलिस, प्रशासन और वन विभाग इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। काशीरामपुर निवासी मयंक कुमार, बसंती देवी, मुकेश सिंह, शशिकला, विनीता देवी ने बताया कि अवैध खनन के कारण नदियों का रुख आबादी क्षेत्रों की ओर हो गया है। लोगों को बरसात के समय खतरा सताने लगा है। अवैध खनन का विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही हैं। दिन में श्रमिक खननकर रेत, बजरी और बोल्डर जमा करते हैं। अंधेरा होते ही ट्रैक्टर-ट्रालियां नदियों में घुस जाते हैं। रातभर अवैध खनन के कारण आसपास के लोग सो तक नहीं पा रहे हैं। खोह नदी में तो खननकारियों ने स्टेडियम की सुरक्षा दीवार की नींव तक खोद डाली है। जिससे आगामी बरसात में स्टेडियम के बाढ़ की चपेट में आने की आशंका बन गई है।
स्टेडियन की सुरक्षा दीवार को अवैध खनन और गड्ढों से खतरा बन गया है। इस बारे में स्थानीय प्रशासन और उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर चिंता जता दी गई है।
-जानकी कार्की, उपक्रीड़ा अधिकारी कोटद्वार
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अवैध खनन रोकने के लिए जल्द ही प्रशासन की टीम गठित की जाएगी। वन विभाग व पुलिस को निर्देश दिए जा रहे हैं।
-कमलेश मेहता, एसडीएम कोटद्वार