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आरोप संदेह से परे साबित न होने पर दुराचार और पोक्सो का आरोपी दोषमुक्त

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कोटद्वार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस धर्मशक्तू की अदालत ने वर्ष 2016 में कोटद्वार रेलवे स्टेशन पर एक छात्रा की संदिग्ध हालात में ट्रेन से कटकर हुई मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने, दुराचार और पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी बनाए गए युवक को दोषमुक्त करार दिया। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी युवक के खिलाफ संबंधित धाराओं में लगाए गए आरोपों को साबित करने में असफल रहा है। कोर्ट ने पौड़ी कारागार में निरुद्ध आरोपी युवक को अविलंब रिहा करने के आदेश दिए हैं।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता शरतचंद्र गुप्ता और कृष्ण कुमार भारद्वाज ने बताया कि घटना 29 फरवरी, 2016 की है। मृृतका के पिता की ओर से कोटद्वार कोतवाली में एक तहरीर दी गई, जिसमें कहा गया कि उनकी पुत्री घर से स्कूल के लिए निकली थी, जो देर रात तक घर नहीं लौटी। खोजबीन के दौरान एक युवक ने छात्रा को नवाजिश पुत्र सरफराज निवासी गंगा दत्त जोशी मार्ग कोटद्वार के साथ काशीरामपुर तल्ला में देखा। इसी रात करीब 10:00 बजे एक लड़की के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के नीचे कटने की जानकारी उन्हें मिली। इसकी शिनाख्त परिजनों ने उनकी बेटी के रूप में की। परिजनों ने बताया कि आरोपी नवाजिश अक्सर उसके साथ फोन पर बात करता था और प्रताड़ित भी करता रहता था। उसकी प्रताड़ना और उकसावे में आकर उनकी नाबालिगपुत्री ने ट्रेन के नीचे आकर जान दे दी। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए परीक्षण की याचना की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर जिला न्यायालय ने आरोपी नवाजिश को दोषमुक्त करार दिया।
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