कोटद्वार। सुखरौ नदी के तट पर अवैध खनन और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ शनिवार को बलभद्रपुर और नया गांव के ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर अवैध खननकारियों और बाहरी प्रांतों से आए झुग्गी झोपड़ी वालों को शह देने का आरोप लगाया। कहा कि खननकारियों ने गांव से नदी में जाने वाली कच्ची सड़क को भी तहस-नहस कर दिया है। करोड़ों की लागत से बने तटबंध ढहने लगे हैं।
शनिवार दोपहर बलभद्रपुर निवासी नवेंद्र सिंह रावत, रणवीर सिंह बिष्ट, सोबन सिंह रावत, महिपाल सिंह रावत व जोगेश्वर सिंह समेत करीब 50 से 60 ग्रामीण बलभद्रपुर इंडस्ट्रियल एरिया और आबादी से सटी सुखरौ नदी तट पर पहुंचे। यहां उन्होंने तहसील प्रशासन और खननकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने नदी तट पर अवैध रूप से बसी झुग्गी झोपड़ी वालों पर क्षेत्र में गंदगी और अवैध खनन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कहा कि अवैध खननकारी करोड़ों रुपये की लागत से बने सुखरौ तटबंध के पत्थर तक निकालकर ले गए हैं। नदी के तट पर गंदगी और मरे हुए जानवर तक डाले जा रहे हैं। विरोध करने वाले ग्रामीणों को देख लेने की धमकी दी जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जल्द ही अवैध खनन, गंदगी फैलाने वालों और अवैध रूप से बसी झुग्गी झोपड़ी वालों को नहीं हटाया गया तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन को मजबूर होंगे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी की।
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