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शहर की सड़कें गड्ढों में तब्दील, आए दिन हो रहे हादसे

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कोटद्वार। कोटद्वार शहर नगर पालिका से नगर निगम तक का सफर कर चुका है, लेकिन शहर की सड़कों की दशा, सफाई व्यवस्था और अतिक्रमण, शौचालयों के हालात नहीं सुधर पा रहे हैं। शहर में सबसे ज्यादा बुरा हाल पुराने नगर पालिका क्षेत्र का है। मालगोदाम रोड के पहले मोड़ से लेकर आखिरी तक और गढ़वाल टाकीज तिराहे पर तीनों ओर की सड़कें गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं, लेकिन सरकारी मशीनरी आंखें मूंदे बैठी है।
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गढ़वाल का प्रवेश द्वार होने के कारण कोटद्वार से बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों और मैदानी इलाकों के लिए आवाजाही करते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पुराने नगर पालिका क्षेत्र की जनसंख्या भले ही तीस हजार से अधिक नहीं है, लेकिन आसपास के गांवों को मिलाकर यहां एक लाख से अधिक लोग शहर की सड़कों का उपयोग कर रहे हैं। नगर कांग्रेस के अध्यक्ष संजय मित्तल, पूर्व पालिकाध्यक्ष ठाकुर विजयनारायण सिंह, प्रशांत कुकरेती, प्रदीप मित्तल, राकेश अग्रवाल का कहना है कि बिना संसाधन बढ़ाए सरकार ने नगर पालिका को नगर निगम तो बना दिया, लेकिन इससे व्यवस्थाएं नहीं बदली, बल्कि पहले से और बदतर हो गई हैं।
मालगोदाम रोड और गढ़वाल टाकीज तिराहा शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग होने के बावजूद यहां सड़कों पर पड़े गड्ढे लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। लोगों का कहना है कि सरकार राजधानी समेत दूसरे शहरों में तो सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चला रही है, लेकिन कोटद्वार में सड़कों की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नितिन अग्रवाल का कहना है कि मालगोदाम रोड के पहले मोड़ पर हर दिन कई दोपहिया सवार चोटिल हो रहे हैं। कमोवेश यही हाल पटेल नगर, सुमन मार्ग और सिनेमा तिराहे का है। नगर निगम के प्रभारी सहायक आयुक्त बद्रीप्रसाद भट्ट का कहना है कि नगर निगम बनने के बाद संपूर्ण क्षेत्र की सड़कों की हालत का ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
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