कोटद्वार। नगर निगम चुनाव कोटद्वार की मतगणना के दौरान मतपत्रों पर पीठासीन अधिकारी के साइन न होने से सैकड़ों वोट रद्द हो गए। इस पर मेयर और पार्षद पद के प्रत्याशी भड़क गए। प्रत्याशियों ने मतगणना स्थल पर जमकर हंगामा काटा। प्रत्याशियों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड को ज्ञापन भेजकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रत्याशियों ने बिना हस्ताक्षर वाले मतपत्रों की भी गिनती करने की मांग रिटर्निंग अधिकारी से की है। मतगणना केंद्र में हंगामा बढ़ने पर पुलिस के जवानों ने हंगामा करने वालों को बाहर निकाला।
मंगलवार सुबह से पीजी कालेज कोटद्वार में शुरू हुई मतगणना के दौरान कहीं 150 तो कहीं 130 से अधिक वोट ऐसे मतपत्र मिले, जिन पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्हें मतगणना अधिकारियों ने अवैध घोषित कर दिया। इस पर मेयर और सभासद के प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा काटा। मेयर के निर्दलीय प्रत्याशी विभा चौहान के पति धीरेंद्र चौहान ने बताया कि इस बारे में प्रत्याशियों की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन भेजा गया है। सिमलचौड़ के पार्षद प्रत्याशी सुधीर कुमार ने बताया कि पीठासीन अधिकारियों की गलती का खामियाजा वोटर और प्रत्याशियों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मतदाताओं ने पूरा दिन लाइनों में घंटों खड़े होकर वोट डाले हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारी की लापरवाही के कारण मतपत्रों को रद्द करना गलत है। ज्ञापन में सुधीर बहुगुणा, राजाराम अण्थ्वाल, अनीता उपाध्याय, महेश नेगी, संजीव कुमार व दीपेंद्र नेगी समेत कई लोगों के हस्ताक्षर हैं।
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