किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के तेलीस्रोत गदेरे में खोह नदी की तर्ज पर पोकलेन और जेसीबी मशीनों से हो रहा खनन आगामी बरसात में आसपास की आबादी में तबाही मचा सकता है। कई मीटर गहरी खुदाई होने से नदी के दोनों तटों पर गत वर्ष बनी सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार के भी ढहने का खतरा बना हुआ है। मनमाने खनन की सूचना पर मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने खननकारियों को मानकों के अनुरूप चैनलाइजेशन करने के निर्देश दिए।
कोटद्वार भाबर की नदियों में सत्ता की आड़ में खननकारियों का खुला खेल चल रहा है। शासन और प्रशासन के अधिकारी उनके सामने बौने नजर आ रहे हैं। भाबर के तेलीस्रोत जैसे गदेरे में भी खननकारियों ने पट्टे आवंटित करवा लिए हैं। यहां का रेत बजरी और बोल्डर सिगड्डी क्षेत्र में चल रहे एक स्टोन क्रेशर में ले जाया जा रहा है। खननकारियों को रिवर ट्रेनिंग नीति और चैनलाइजेशन की शर्तों से भी कोई लेना देना नहीं है। बुधवार को लोगों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुधीर मोहन ने खननकारियों को सुरक्षा दीवारों से 25 फीसदी क्षेत्र छोड़कर चैनलाइजेशन वर्क करने की हिदायत दी। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि सुरक्षा दीवारों के पास से भी खनन सामग्री निकाली गई है, जिससे बरसात में सुरक्षा दीवारों के ढहने का खतरा बन गया है।
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