कोटद्वार। उत्तराखंड प्रदेश नशाबंदी परिषद ने देवभूमि उत्तराखंड को नशामुक्त करने के लिए बिहार की तर्ज पर पूर्ण नशाबंदी लागू करने की मांग की है। सोमवार को कोटद्वार पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल को परिषद के सदस्यों ने एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने लोगों में नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए हर जिले में दो-दो सरकारी नशामुक्ति केंद्र खुलवाने और मद्य निषेध विभाग का गठन करने की मांग की है।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन भारद्वाज ने कहा कि उत्तराखंड लगातार नशे की गिरफ्त में जा रहा है। खासकर युवाओं में नशे की लत दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। नशे के आदी लोगों को नशा करने से रोकने के लिए ठोस पहल होनी जरूरी है। प्रत्येक जिले में दो-दो सरकारी नशामुक्ति केंद्र खुलवाए जाने चाहिए। कहा कि उत्तराखंड गठन के बाद से आज तक किसी सरकार ने इस पर कोई विचार नहीं किया। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए मद्य निषेध विभाग का गठन करने और नशे से होने वाली बुराइयों के प्रचार की जरूरत है। कहा कि मद्य निषेध सलाहकार परिषद का गठन किया जाए। इसमें नशा न करने वाले और नशाबंदी आंदोलन के लिए कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों को सम्मिलित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में परिषद के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र कोठारी, महामंत्री सुरेंद्र लाल आर्य, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश बड़थ्वाल, जिलाध्यक्ष शशि नैनवाल, महेंद्र कुमार अग्रवाल, मयंक कोठारी, राम सिंह सैनी, वीर सिंह आर्य, मीनू खान, दर्शन लाल चौधरी आदि मौजूद रहे।