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ढोल नगाड़ों के साथ धूमधाम से निकली श्री सिद्धबली बाबा की शोभायात्रा

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कोटद्वार। श्रीसिद्धबली महोत्सव के पहले दिन बैंड बाजों और ढोल नगाड़ों के साथ श्री सिद्धबली बाबा की शोभा यात्रा निकाली गई। इसे देखने के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने बाबा की झांकी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया और मन्नतें मांगीं।
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शुक्रवार को करीब चार बजे सिद्धबली बाबा की शोभायात्रा का नगर निगम कोटद्वार की पहली मेयर हेमलता नेेगी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने गिवईंस्रोत पुल के पास से शुभारंभ किया। झांकी में मुरादाबाद का प्रसिद्ध हनुमान अखाड़ा, रामपुर की राधा कृष्ण, बदायूं की काली का अखाड़ा, नजीबाबाद की भक्त प्रह्लाद की झांकी, मेरठ की मां तुझे सलाम की झांकी, काली-दुर्गा, रासलीला की झांकी, रुड़की की श्री गणेश, खालसा का अखाड़ा, सती-दक्ष प्रजापति, बिजनौर से फाइवर दुर्गा, राधाकृष्ण का नृत्य, मुरादाबाद की हनुमान प्रकटीकरण, नजीबाबाद की हनुमान का बिराट रूप और बानर सेना की झांकी को लोगों ने खूब पसंद किया। इसके अलावा क्षेत्र के कई महिला मंगल दलों ने नंदादेवी राजजात, पर्यावरण संरक्षण, गढ़वाल की लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और भजनों पर आधारित झांकी निकाली। भारत स्वाभिमान न्यास के सदस्यों ने झांकी निकालकर लोगों को योग से निरोग रहने की अपील की। शोभायात्रा के दौरान अंत में श्री सिद्धबली बाबा का डोला आकर्षण का केंद्र रहा।
शोभा यात्रा सिद्धबली बाबा मंदिर के मुख्य द्वार से होते हुए बदरीनाथ रोड, झंडाचौक, नजीबाबाद रोड होते हुए गोविंदनगर गुरुद्वारे में संपन्न हुई। शहर की सड़कों पर विभिन्न संस्थाओं ने स्टाल लगाकर झांकियों के लिए जलपान और प्रसाद आदि की व्यवस्था की।
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गढ़वाल राइफल्स के पाइप बैंड ने किया शोभायात्रा का स्वागत
श्री सिद्धबली बाबा की झांकी का स्वागत करने के लिए गढ़वाल राइफल्स ने भी अपना सहयोग दिया। बैंड पार्टी ने अपनी धुनों के माध्यम से श्री सिद्धबली बाबा की झांकी का स्वागत किया। झंडाचौक पर बैंड मास्टर नायब सूबेदार विक्रम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में 13 सदस्यीय बैंड सदस्यों की टीम ने गढ़वाली और फिल्मी गीतों की धुन से झांकी का स्वागत किया। आर्मी बैंड ने देवता दैणा होयां.., बेडू पाको बारामासा.., हे दिदी हे भुुली हे ब्वारी.. कालूं डांडा लडै़ लगीं च..., ताछुमा ताछुमा... आदि गीतों की धुनों ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। बैंड की धुन सुनने के लिए झंडाचौक पर भीड़ उमड़ी रही।
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