कोटद्वार। क्षेत्र पंचायत समिति द्वारीखाल की बैठक में ग्राम पंचायत प्रधानों ने सामाजिक अंकेक्षण (सोशल आडिट) का विरोध करते हुए बैठक का बहिष्कार किया। दोबारा शुरू हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाए। ऊर्जा निगम, पूर्ति, उरेगा, स्वजल विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पारित किया।
मंगलवार को ब्लॉक सभागार में क्षेत्र पंचायत प्रमुख छोटी देवी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक शुरू होते ही ग्राम प्रधानों ने एसआईटी जांच का विरोध करते हुए सदन का बहिष्कार किया। इससे कुछ देर तक शोरगुल के बीच बैठक स्थगित रही। इस मौके पर प्रधानों ने बीडीओ के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश और बीडीओ के समझाने के बाद प्रधानों के वापस लौटने के बाद बैठक शुरू हो सकी।
जल निगम की चर्चा के दौरान क्षेत्र पंचायत प्रमुख छोटी देवी ने खरीक चांदपुर एवं मेघा में निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग होने पर जल निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई। महिला बाल विकास की चर्चा में विधायक प्रतिनिधि गबर सिंह ने विभाग का कार्यालय ब्लॉक मुख्यालय में स्थानांतरित करने की मांग की। क्षेत्र पंचायत सदस्य कुल्हाड़ भारत सिंह ने आंगनबाड़ी केंद्र को ब्लॉक की पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट करने की मांग की। लोनिवि व पीएमजीएसवाई विभाग की चर्चा में सदस्यों ने सड़कों पर पुश्ता निर्माण, सड़क के किनारे नाली निर्माण एवं मुआवजे की मांग उठाई। विधायक प्रतिनिधि रेनू उनियाल ने अमान आंगनबाड़ी केंद्र का मसला उठाया। समाज कल्याण विभाग की चर्चा में भारत सिंह और ग्राम प्रधान रेनू उनियाल ने गौरा देवी कन्या धन योजना के तहत लाभार्थियों को धनराशि अभी तक न मिलने की शिकायत की। उन्होंने ब्लाक में सहायक समाज कल्याण अधिकारी की नियुक्ति करने की मांग की।
इस मौके पर ज्येष्ठ उप प्रमुख अर्जुन सिंह, एडीओ पंचायत मनमोहन सिंह बिष्ट, राधा देवी, प्रियंका बिष्ट, हुकुम उनियाल, जयपाल सिंह, विजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह रावत, दिगंबर सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन बीडीओ अतिया परवेज ने किया।
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