कोटद्वार। ग्राम पंचायत दुर्गापुर के खूनीबड़ गांव में खोली गई शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं ने एसडीएम के सामने रोष प्रकट किया। उन्होंने सात दिन के अंदर शराब की दुकान न हटाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सोमवार को शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में खूनीबड़ गांव की महिलाएं तहसील पहुंचीं। उन्होंने उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन पर गांव का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। महिलाओं ने कहा कि पहले प्रशासन ने दुर्गापुरी चौराहे पर शराब की दुकान खोले जाने का असफल प्रयास किया। वहां से शराब कारोबारी को लोगों द्वारा भगाने के बाद अब उनके गांव में मंडी के पास शराब की दुकान खोल दी गई है। पिछले एक सप्ताह से चल रही शराब की दुकान के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान के पास एक स्कूल है। महिलाएं, बच्चे यहां शाम को मंडी में घूमने के लिए आते हैं, लेकिन यहां दिन भर लगे शराबियों के जमावड़े के चलते महिलाओं और छात्राओं को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
इस अवसर पर कौशल्या देवी, सुषमा भट्ट, कविता शर्मा, सावित्री रावत, सविता वेदवाल, ममता मधवाल, लक्ष्मी मधवाल, शकुंतला देवी, चंद्रकला वेदवाल, गायत्री देवी, सुमित्रा देवी, विजयलक्ष्मी देवी, मोनिका वेदवाल, अनिता नैथानी, दीपशिखा भारद्वाज व दीपिका नवानी आदि मौजूद थीं।
-फोटो