धुमाकोट। नैनीडांडा ब्लाक के 30 गांवों के लिए नैनीडांडा-हल्दूखाल पेयजल पंपिंग योजना का कार्य 12 वर्षों से अधर में लटका है। जल निगम की ओेर से कछुआ चाल से किए जा रहे कार्य के चलते क्षेत्र में पेयजल संकट बना हुआ है। लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।
वर्ष 2006 में क्षेत्र की पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए काली नदी से पंपिंग योजना को शुरू किया गया था। उसके बाद पांच साल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस का शासन कार्य भी पूरा हुआ, लेकिन बजट के अभाव में पंपिंग योजना का कार्य पूरा नहीं हो सका। वर्तमान में भाजपा की त्रिवेंद्र रावत सरकार ने योजना के लिए कुछ बजट रिलीज किया है, लेकिन जल निगम की सुस्ती के चलते योजना को इस गर्मी में भी शुरू नहीं किया जा रहा है। इसके कारण क्षेत्रीय जनता में रोष है।
ब्लॉक प्रमुख रश्मि पटवाल, पेयजल योजना संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंद्र सिंह रावत, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष दीनदयाल कंडारी, पूर्व अध्यक्ष एमडी रावत, प्रधान संघ के अध्यक्ष ललित पटवाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख संजय गौड़ व सामाजिक कार्यकर्ता बीरेंद्र पटवाल ने भी योजना का कार्य लंबे समय से पूरा न होने पर विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों ने मुख्यमंत्री से योजना का कार्य यथाशीघ्र पूरा करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि योजना जल्दी शुरू नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
उधर, योजना का कार्य देख रहे जल निगम के जेई नितिन नेगी का कहना है कि विभाग द्वारा योजना का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। विद्युत कनेक्शन व मोटर आदि के लिए लाइन तथा ट्रांसफार्मर आदि का कार्य ऊर्जा निगम को करना है। इसके लिए ऊर्जा निगम के साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। शीघ्र योजना को शुरू कर दिया जाएगा।