फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुखरौ नदी में खनन कार्य शुरू, हाईकोर्ट ने स्टे आर्डर किया खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कोटद्वार। सुखरौ नदी में बुधवार से खनन, चुगान कार्य शुरू हो गया है। नैनीताल हाईकोर्ट ने गत माह खनन कार्य पर दिए स्टे आर्डर को खारिज कर दिया है। जिला प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त हो गई है। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि नदियों में मशीनों से खनन पर प्रतिबंध जारी रहेेगा। पट्टेधारक चैनलाइजेशन का कार्य श्रमिकों के जरिए कराएंगे।
सुखरौ, खोह और तेलीस्रोत नदियों में रिवर ट्रेनिंग पालिसी 2016 के तहत नदियों के चैनलाइजेशन के लिए शासन की ओर से करीब तीन माह पूर्व पट्टे जारी किए गए हैं। सुखरौ नदी में खनन कार्य को रिवर ट्रेनिंग पालिसी 2016 के नियमों के विपरीत बताते हुए शिवराजपुर निवासी हुकुम सिंह रावत ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने छह अप्रैल तक खनन कार्य रोकने के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट ने उक्त स्टे आर्डर को खारिज कर दिया है, जिसकी एक प्रति उन्हें बुुधवार को प्राप्त हुई है। सुखरौ में भी अन्य नदियों की तरह मशीनों का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि पट्टेधारक की ओर से बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति उनके कार्यालय में उपलब्ध कराई गई है, जिसके आधार पर मैनुअल खनन, चुगान की अनुमति प्रदान कर दी गई है। एसडीएम ने बताया कि याचिकाकर्ता की ओर से अपनी याचिका वापस ले ली गई है। प्रशासन की ओर से सुखरौ नदी में खनन, चुगान की हरी झंडी मिलते ही नदी में बुधवार को ही दर्जनों ट्रैक्टर ट्राली, ट्रक और डंपर उतर गए हैं। प्रशासन का दावा है कि खनन कार्य श्रमिकों के जरिए ही किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें