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गढ़वाली सैनिकों की वीरता से होती है पहचान: जनरल विपिन रावत-compat

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कोटद्वार। थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा कि गढ़वाली सैनिक अपनी वीरता के लिए पहचाने जाते हैं। वे अपने घर परिवार को भूलकर देश की रक्षा में जुटते हैं। ऐसे में सैनिकों के परिवार को सुरक्षा और सुविधाएं मुहैया कराना सेना की जिम्मेदारी है। पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा की उचित व्यवस्था नहीं होने से पहाड़ों से लगातार पलायन हो रहा है। यही वजह है कि सैनिकों के परिवार भी बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए शहरों की ओर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों के करीब एक हजार परिवार सुविधाओं के अभाव में किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। आवासीय कालोनी बनने से सैनिकों के परिवारों को सुविधाएं मिलेंगी। गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर की ओर से सैनिकों के परिजनों के लिए आवास का प्रस्ताव सराहनीय है।
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सोमवार को कोटद्वार के एमटी कैंप में आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर लैंसडौन की ओर से सैनिकों के परिवारों के लिए प्रस्तावित आवास योजना फेज-3 का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कोटद्वार में 250 फेमिली क्वार्टर बनाए जाएंगे। उन्होंने सेना के जवानों से अपने परिवार को गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर की सुरक्षा में छोड़कर जोश और होश के साथ देश की सेवा में जुट जाने का आह्वान किया।
इस अवसर उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद, लेफ्टिनेंट जनरल हरीश ठुकराल, बिग्रेडियर इंद्रजीत चटर्जी, कर्नल बीएस गुसाईं (सेनि), विंग कमांडर भाष्कर रावत (सेनि), कर्नल आरपी बड़थ्वाल (सेनि), मेजर एमएस नेगी (सेनि), कै. गजेंद्र धस्माना (सेनि), पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष जीके बड़थ्वाल, उपाध्यक्ष कै. सीपी डोबरियाल, अनूप सिंह बिष्ट, बलवान सिंह रावत, सुभाष बिष्ट, विजय सिंह रावत, प्रमोद रावत, चंद्र सिंह राणा आदि मौजूद थे।
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लैंसडौन में आर्मी ट्रेनिंग का लिया जायजा
लैंसडौन। थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर में रिक्रूटों को दी जा रही ट्रेनिंग का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
गढ़वाल रेेजिमेंटल सेंटर के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास करने के बाद आर्मी चीफ ने युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया और शहीद सैनिकों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उनकी शहादत को देश व भारतीय सेना के लिए गौरवमयी बताया। जनरल रावत ने पांच दिव्यांग सैनिकों को सम्मानित कर सेना मुख्यालय की ओर से उन्हें 50-50 हजार रुपये की धनराशि दिए जाने की घोषणा की। ब्यूरो
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