दुगड्डा/कोटद्वार। कोटद्वार-धुमाकोट मार्ग पर बस चालक की सूझबूझ से 23 यात्रियों की जान बच गई। पहाड़ी मार्ग पर बस के ब्रेक फेल होने पर चालक ने बस को पहाड़ी से टकरा दिया। इससे बड़ी दुर्घटना तो टल गई लेकिन चालक समेत 13 लोग घायल हो गया। इनमें चालक और दो अन्य यात्रियों को बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती कराया गया है।
रविवार को कोटद्वार से सुबह आठ बजे जीएमओयू की बस 23 यात्रियों को लेकर धुमाकोट-भौन के लिए रवाना हुई। दुगड्डा से नौ किमी आगे बढ़ने पर गौलीखेत के पास आगे मोड़ से पहले बस चालक राम सिंह ने बस के ब्रेक लगाए लेकिन ब्रेक नहीं लगे और बस कंट्रोल से बाहर हो गई। मोड़ के आगे गहरी खाई देख चालक ने बस के ब्रेक फेल होने की सूचना सवारियों को दी और सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को मोड़ से पहले पहाड़ी पर टकरा दिया। बड़े झटके के साथ बस वहीं पर रुक गई, जिससे बड़ी दुर्घटना होने से टल गई।
बस के पहाड़ी से टकराते ही सवारियों में चीख पुकार मच गई। बस चालक राम सिंह (40 वर्ष) पुत्र गोपाल सिंह निवासी मठाली जयहरीखाल सीट में फंस कर गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने बामुश्किल उसे बस से बाहर निकाला। जख्मी चालक, जीवानंदपुर कोटद्वार निवासी पारुल रावत (40) और बिजनौर निवासी रमेश त्यागी को 108 सेवा से कोटद्वार बेस अस्पताल पहुंचाया गया। अन्य यात्रियों में केश्वानंद, सरिता देवी, कमला देवी, जितेंद्र, सोनम, धीरा देवी, अभिषेक, गीता, सुषमा, चैन सिंह निवासी तहसील धुमाकोट को मामूली खरोंच आई। उन्होंने प्रशासन और जीएमओयू प्रबंधन पर उनका मौके पर प्राथमिक उपचार नहीं कराने का आरोप लगाया। इस संबंध में एआरटीओ आरएस कटारिया ने बताया कि उन्हें दुर्घटना की सूचना मिली है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शीघ्र दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया जाएगा।