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कोटद्वार अस्पताल में पहुंचे डाक्टर, एमआरआई की भी ट्रेनिंग शुरू

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कोटद्वार। राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार की आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने सुध ले ही ली। विभाग ने कोटद्वार चिकित्सालय में दून अस्पताल से एक वरिष्ठ फिजीशियन और पैैथोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी है। साथ ही एमआरआई के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट को ट्रेनिंग पर भी भेज दिया गया है। सोमवार से डाक्टर ओपीडी में बैठेंगे।
28 जून को स्वास्थ्य विभाग ने कोटद्वार अस्पताल में तैनात एकमात्र फिजीशियन, पैथोलॉजिस्ट और एक वरिष्ठ सर्जन का तबादला कर दिया था लेकिन उनके स्थान पर किसी की तैनाती नहीं हुई थी। इसके चलते लोगों को इलाज कराने के लिए प्राइवेट क्लीनिकों में जाना पड़ रहा था। पैथोलॉजिस्ट की कमी के कारण ब्लड बैंक के लिए रक्तदान शिविर नहीं लग पा रहे थे।
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अमर उजाला ने सरकारी अस्पताल की बदहाली के मामले को अभियान के तहत लगातार प्रकाशित किया। अमर उजाला ने 24 अगस्त के अंक में वेंटिलेटर पर कोटद्वार का सरकारी अस्पताल शीर्षक से खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और कोटद्वार अस्पताल में दून अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. प्रवीण पंवार और पैथोलॉजिस्ट डा. जेपी नौटियाल ने शनिवार को ज्वॉइन कर लिया।
अस्पताल ने सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि फिजीशियन और पैथोलॉजिस्ट ने कोटद्वार अस्पताल में अपनी ज्वाइनिंग दे दी है। रविवार से वह वार्डों के राउंड पर रहेंगे और सोमवार से ओपीडी में बैठेंगे।
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सितंबर पहले हफ्ते तक नहीं होंगे अल्ट्रासाउंड
कोटद्वार अस्पताल के रोडियोलॉजिस्ट के 15 दिन के लिए एमआरआई की ट्रेनिंग में जाने के कारण सितंबर पहले सप्ताह तक लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल सकेगी। कोटद्वार अस्पताल में पिछले साल जून में 4.34 लाख की लागत से एमआरआई मशीन लगाई गई थी, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट को इसकी ट्रेनिंग नहीं दिए जाने के कारण मशीन एक वर्ष से धूल फांक रही थी। अमर उजाला की खबर के असर से विभाग ने अब अस्पताल में तैनात रोडियोलॉजिस्ट डा. जयहिंद को एमआरआई की ट्रेनिंग के लिए भेज दिया है। अब लोगों को कोटद्वार अस्पताल में एमआरआई की सुविधा भी मिल सकेगी।
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