कोटद्वार। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पूूर्ण कार्यप्रणाली के चलते अब राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के जूझना पड़ सकता है। कोटद्वार अस्पताल से तीन मुख्य चिकित्सकों के तबादले के बाद चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरस्त करने की अपेक्षा स्वास्थ्य विभाग ने अब अस्पताल के सीएमएस के साथ ही एक दर्जन स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर किसी और की व्यवस्था नहीं होने के कारण अस्पताल का शोपीस बनना तय है।
पौड़ी जिले की एक तिहाई आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाला जिले का मुख्य राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में पहले ही डाक्टरों, नर्सोँ और फार्मेसिस्टों के पद रिक्त चल रहे हैं। इसके बावजूद अस्पताल किसी प्रकार अपनी स्वास्थ्य सेवाएं देकर पौड़ी जिला ही नहीं बिजनौर जिले के मरीजों को अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देे रहा था। 28 जून को अस्पताल के तैनात एक मात्र फिजीशियन, एक मात्र पैथोलॉजिस्ट और एक वरिष्ठ सर्जन का तबादला कर दिया गया। लेकिन, उनके स्थान पर अन्य डाक्टरों की तैनाती नहीं की गई।
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अब इनके भी हो गए तबादले
वर्तमान में एक बार फिर से अस्पताल की व्यवस्थाओं को बखूबी संभालने वाले सीएमएस डा. आईएस सामंत का उनकी मर्जी के विरुद्ध उत्तरकाशी, पांच फार्मेसिस्टों, एक हैल्थ सुपरवाइजर, एक मैटर्न, दो सिस्टर और तीन स्टाफ नर्सों का अन्य स्थानों पर तबादला कर दिया गया है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर नए स्थान पर ड्यूटी ज्वाइन करने का फरमान सुना दिया गया है। लेकिन, उनके स्थान पर कौन आएगा इसका कुछ पता नहीं है।
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क्या कहते हैं सीएमओ
यह बात सही है कि अस्पताल से सीएमएस सहित अन्य स्टाफ का ट्रांसफर किया गया है। अस्पताल में इनके स्थान पर स्टाफ की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं।
- डा. आरएस राणा, सीएमओ पौड़ी
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