पर्यावरणविद् स्व. मायाराम खंतवाल ‘वृक्षमित्र’ की प्रथम पुण्य तिथि पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर पर्यावरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 24 लोगों को सम्मानित किया गया।
तल्ला बदलपुर क्षेत्र के बंदखनी गांव में आयोजित कार्यक्रम का समाजसेवी सत्यप्रकाश थपलियाल ने शुभारंभ किया। उन्होंने ‘वृक्षमित्र’ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व. मायाराम खंतवाल ने जीवन भर वृक्षों के साथी बने रहे, पेड़-पौधों के प्रति उनके लगाव के कारण लोग उन्हें ‘वृक्षमित्र’ नाम से जानते थे। लेकिन, आज विकास के नाम पर पेड़ -पौधों को काटकर वहां कंकरीट के मैदान बनाए जा रहे हैं। जिसके कारण प्राकृतिक आपदाएं आ रही है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। उन्होंने लोगों से ‘वृक्षमित्र’ के बताए मार्ग पर चलते हुए पेड़-पौधों को बचाने की अपील की।
इस अवसर पर समाजसेवी देवेश ने कहा कि वे लोग सदैव लोगों के दिलो में जीवित रहते हैं जो पर्यावरण के लिए काम करते हैं। पशुप्रेमी सुषमा जखमोला ने गांवो के कहा कि गांव का विकास वहां की खेती, बेटी और गाय हो सकती है। लेकिन, आज लोगों ने खेती बाड़ी छोड़ दिया है। लोग गाय का दूध पीकर उसको मरने के लिए सड़कों पर छोड़ देते हैं। उन्होंने लोगों को पर्यावरण के साथ गो संरक्षण के लिए भी आगे आने की अपील की। इस मौके पर ले. कर्नल बुद्धि वल्लभ ध्यानी (सेेनि.) सुशीला ध्यानी, जितेंद्र चौहान, जगमोहन सिंह बिष्ट, डा. जगदंबा प्रसाद कोटनाला, सुरेंद्र काला, जनार्द्धन प्रसाद ध्यानी, दिनेश ध्यानी, कै.पीएल खंतवाल (सेनि.), अनूप पटवाल, सुधीर सुंदरियाल, तन्नू पंत, जनार्द्धन बुड़ाकोटी, प्रवेश चंद्र नवानी, मनोज खंतवाल, बचीराम ढौंडियाल आदि मौजूद थे।