कोटद्वार। उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक व आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बृहस्पतिवार को प्रदेश के कर्मचारियों, शिक्षकों, निगम और उपनल कर्मियों ने कृषि विभाग के दफ्तर के समक्ष गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने सरकार से उनकी 11 सूत्री मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। कहा कि सरकार हाईकोर्ट के आदेशों की भी अनदेखी कर रही है। मोर्चा 14 मई तक गेट मीटिंग के जरिए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराएगी। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो 18 मई को प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन और आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
बृहस्पतिवार को कृषि, उद्यान, पशुपालन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, वन, शिक्षा, बाल विकास समेत कई विभागों से जुड़े कर्मचारी और शिक्षक बदरीनाथ मार्ग स्थित कृषि विभाग के दफ्तर पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मोर्चा के मुख्य संयोजक नरेश सिंह की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने कार्मिकों और शिक्षकों को सेवाकाल में तीन पदोन्नितियां सुनिश्चित करने, पूर्व की भांति 10,16, 26 वर्ष की सेवा में एसीपी का लाभ देने, मृत घोषित पदों केे पुनर्जीवित करने, सातवें वेतनमान की संस्तुतियों के तहत समस्त भत्तों का लाभ देने व यू हेल्थ योजना का लाभ देने की मांगें की गईं। शुक्रवार को मोर्चा वन विभाग के कोटद्वार रेंज कार्यालय में सुबह 11 बजे गेट मीटिंग कर प्रदर्शन करेगा।
प्रदर्शनकारियों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष हर्षमोहन सिंह नेगी, रुचिन माहेश्वरी, भूपेंद्र रौतेला, दिनेश नौटियाल, जितेंद्र सिंह, अजय कंडवाल, मयंक सैनी, सुधीर चौधरी, सतीश सिरोही, शशि मोहन बिंजोला व मुकेश कुमार शामिल थे।
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