कोटद्वार। अब राजकीय संयुक्त चिकित्यालय बेस अस्पताल के नाम से जाना जाएगा। सरकार द्वारा द्वारा मानाकों पर खरा उतरने के बाद 06 मार्च को कोटद्वार के सरकारी अस्पताल को बेस अस्पताल का दर्जा देने का शासनादेश जारी कर दिया गया हैै। सब कुछ ठीक रहा तो अब कोटद्वार अस्पताल को बेस अस्पताल का बजट मिलेगा जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार होगा, लोगों को और भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
वर्ष 1970 में कोटद्वार का सरकारी अस्पताल को संयुक्त चिकित्सालय का दर्जा मिला था। इसके बाद क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं की अधिक दरकार होने के कारण सरकार ने इसे बेस अस्पताल बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में अस्पताल के पुराने भवन को तोड़कर नए भवन पर काम शुरू कर दिया। जिसके तहत वर्ष 2015 में ट्रामा सेंटर भवन का शुभारंभ किया गया और वर्ष 2017 में पूरे अस्पताल का बहुमंजिला भवन बनकर तैयार हो गया। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन, एमआरआई, लिथोट्रिप्सी की आधुनिक मशीनों को स्थापित किया गया। इसके बाद बेस अस्पताल के लिए आवेदन किया गया जिसमें बेस अस्पताल के मानकों को पूरा होने के बाद अब 06 मार्च को शासन द्वारा इसे बेस अस्पताल का दर्जा दे दिया गया है।
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डाक्टरों और बजट की कमी होगी पूरी
संयुक्त चिकित्सालय के दौरान अस्पताल में एक सर्जन, एक गायनोलॉजिस्ट, एक फिजीशियन और एक निश्चेतक की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यही नहीं अस्पताल का नया भवन बनने के बाद इसे संयुक्त चिकित्सालय का बजट मिल रहा था, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं बनाने में तमाम दिक्कतें आ रही थी। लेकिन, बेस अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद इस सभी समस्याओं के समाधान की आस जगी है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
शासन द्वारा कोटद्वार के संयुक्त चिकित्सालय को बेस चिकित्सालय का शासनादेश जारी किया गया है। बेस अस्पताल बनने से स्टाफ और बजट में इजाफा होगा, इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
- डा. आईएस सामंत, सीएमएस बेस अस्पताल कोटद्वार
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